सागर में यहां 700 करोड़ से बन रहा बाईपास, दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर से जुड़ेगा भोपाल हाईवे, फर्राटा भरेंगे वाहन

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Sagar Rahatgarh Bypass: सागर भोपाल हाईवे में आने वाले बेरखेड़ी और राहतगढ़ मार्ग का भी काम शुरू हो गया है. 731 करोड़ की लागत से 10 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का काम चल रहा है. भोपाल कानपुर इकोनामिक कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा सागर से गुजर रहा है, जो लगभग 130 किलोमीटर है. जानें इन सब रूटों के फायदे… 

Sagar News: भोपाल-कानपुर इकोनामिक कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा सागर जिले से गुजर रहा है. यह हिस्सा लगभग 130 km का है, जिसमें सागर-भोपाल नेशनल हाईवे का लगभग 60 km और सागर-कानपुर हाईवे का लगभग 70 km का हिस्सा है. इन दोनों हाईवे के कनेक्ट होते ही भोपाल से कानपुर जाने वाले वाहन हवा से बात करेंगे, लेकिन इस 526 km लंबे नेशनल हाईवे को अलग-अलग खंड में निर्माण कराया जा रहा है. ऐसे ही सागर-भोपाल हाईवे में आने वाले बेरखेड़ी और राहतगढ़ मार्ग का भी काम शुरू हो गया है. 731 करोड़ की लागत से 10 km लंबी फोरलेन सड़क का काम चल रहा है.

10 km की फोरलेन सड़क बनने से सागर के ऐतिहासिक राहतगढ़ नगर को भारी यातायात दबाव से मुक्ति मिल जाएगी. क्योंकि, सागर-भोपाल रोड अभी इसी नगर से होकर गुजरी है, लेकिन अब नई फोरलेन सड़क शहर को बाईपास करके बनाया जा रहा है. इस सड़क का निर्माण होने से मुख्यतः यहां होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, क्योंकि बाईपास करने के साथ ही यह सड़क जिन गांव से होकर गुजर रही है, वहां पर अंडरपास, ओवरब्रिज बनाकर ब्लैक स्पॉट खत्म किए जा रहे हैं.

पर्यटन को लगेंगे पर…
फोरलेन निर्माण होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र कृषि और पर्यटन के लिए यातायात सरल और सुलभ होगा, जिसमें समय की कमी आएगी. ईंधन की बचत से पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी और फर्राटा भरते हुए वाहन हाई स्पीड में दौड़ सकेंगे, वह भी सड़क सुरक्षा के साथ. 10 किलोमीटर फोरलेन का यह हिस्सा भोपाल-सागर नेशनल हाईवे 146 को दिल्ली-नागपुर नेशनल हाईवे 44 से कनेक्ट करेगा. फिर यही से आगे बढ़कर सागर-कानपुर नेशनल हाईवे से भी जुड़ेगा. इस 10 किलोमीटर के हिस्से से सागर की पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे. क्योंकि, इसी हिस्से में सागर के दो ऐतिहासिक किले हैं, जिसमें एक 1100 साल पुराना राहतगढ़ का किला है तो दूसरा 500 साल पुराना गढ़पहरा का किला है. दोनों ही हेरिटेज को घूमने अब भी देश भर के लोग आते हैं लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी होने से यहां पर पर्यटकों के बढ़ने की और भी संभावना होगी.

इतने गांवों को फायदा
फोरलेन सड़क बनने की वजह से दूसरा फायदा औद्योगिक क्षेत्र में देखने को मिलेगा, जहां अच्छी कनेक्टिविटी होने से यहां बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री स्थापित की जा सकेंगी. होटल रेस्टोरेंट रिसोर्ट पार्क जैसी चीजों में इन्वेस्ट किया जा सकेगा. साथ ही कनेक्टिविटी मिलने की वजह से इन क्षेत्रों में डेवलपमेंट के नए कार्य होंगे जिसमें बड़ी बड़ी रेजिडेंस कॉलोनी भी विकसित किए जाएंगे. राहतगढ़ के बरखेड़ी से शुरू होने वाला नेशनल हाईवे का यह हिस्सा गढ़पहरा के पास रानीपुरा को जोड़ रहा है, जो सीधे तौर पर चार गांव से निकल रहा है और अप्रत्यक्ष रूप से करीब एक दर्जन गांव इस हिस्सा से जुड़ेंगे.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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