उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नगर निगम के सभाकक्ष में सिंहस्थ 2028 विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व का आयोजन विश्व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धाल
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी अधिकारी को लगता है कि वे काम नहीं कर पा रहे है उसके संबंध में वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दें। जिससे बेहतर काम करने वाले अधिकारियों की पदस्थापना की जा सके।
साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा, संजय दुबे को निर्देश दिए हैं कि सिंहस्थ के कामों में किसी भी तरह की रुकावट न आए। मुख्यमंत्री निवास पर भी सिंहस्थ सेल गठित कर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है उनकी पदस्थापना तत्काल की जाए।
बैठक में प्रभारी मंत्री उज्जैन गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, जितेन्द्र पंड्या, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
₹1133.67 करोड़ की लागत वाली ‘हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना’ का भूमिपूजन किया।
अधिकारी समय-सीमा में पूर्ण कराएं जिम्मेदारी
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलग-अलग विभागों के माध्यम से सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनवासियों से सेवा भाव की तरह कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ 2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तेज गति से पूर्ण करें। समय-सीमा में काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्तर की तैयारियां शुरु करना है।
सभी अधिकारी 24 घंटे, सातों दिन सक्रिय रहें। सिंहस्थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें और उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें।

मुख्यमंत्री बुधवार को कालिदास अकादमी में विकास कार्यों का लोकार्पण भूमिपूजन किया।
बैठक में अधिकारियों को दिए ये निर्देश
- होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज में व्यवस्थाओं के लिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाएं।
- उज्जैन शहर से जुड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए।
- सिंहस्थ 2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं।
- सिंहस्थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्त जगहों की मैपिंग की जाए।
- उज्जैन सिंहस्थ 2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्थ 2028 के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।
- शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्नयन भी कराया जाए जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके
- शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके।
- श्री मंगलनाथ, श्री भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन करें।
- सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें।
- सिंहस्थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें।
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