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30 की उम्र पार करते ही शरीर का मेटाबॉलिज्म धीरे-धीरे बदलने लगता है और ब्लड शुगर को संतुलित रखना पहले जितना आसान नहीं रहता. ऐसे में मीठा खाने की आदत और अनियमित दिनचर्या मधुमेह का खतरा बढ़ा सकती है. हालांकि अच्छी बात यह है कि सही खानपान और कुछ खास सुपरफूड्स की मदद से ब्लड शुगर को काफी हद तक नियंत्रित रखा जा सकता है. इसके साथ अगर जीवनशैली में छोटे लेकिन जरूरी बदलाव कर लिए जाएं तो 30 के बाद भी सेहत को बेहतर बनाए रखा जा सकता है.
30 साल की उम्र के बाद अगर खानपान और सोने-जागने की आदतों में थोड़ा बदलाव कर लिया जाए तो कई बीमारियों का खतरा अपने आप कम हो सकता है. अच्छी सेहत के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 30 के बाद खाने में मीठा और नमक दोनों की मात्रा कम कर देनी चाहिए. लेकिन सच यह है कि मीठा छोड़ना हर किसी के लिए आसान नहीं होता. चाहे सामान्य व्यक्ति हो या डायबिटीज से जूझ रहा मरीज, शुगर कंट्रोल करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे में कुछ खास सुपरफूड्स को आहार में शामिल कर ब्लड शुगर को संतुलित रखा जा सकता है.
आयुर्वेद में भोजन को औषधि के समान माना गया है. अगर खानपान संतुलित हो तो शरीर भी संतुलित रहता है. मधुमेह से बचाव और नियंत्रण में सबसे पहले जिन चीजों का नाम आता है, वे हैं मैथी दाना और ओट्स. इन दोनों में घुलनशील फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जैसे ग्लूकोमैनन और बीटा-ग्लूकान, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकते हैं. यह इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं.
दूसरे महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ हैं दालचीनी और करेला. ये दोनों भारतीय रसोई में आसानी से उपलब्ध होते हैं. सप्ताह में दो से तीन बार करेले का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है. वहीं दालचीनी को खाने में या सुबह गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है. माना जाता है कि ये दोनों शरीर की कोशिकाओं को सक्रिय करते हैं, जिससे वे ग्लूकोज का बेहतर उपयोग कर पाती हैं और ब्लड शुगर स्तर नियंत्रित रहता है.
इसके अलावा दालें, अलसी, सत्तू और इसबगोल भी बेहद लाभकारी हैं. इनमें मैग्नीशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. ये पोषक तत्व इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाते हैं और पाचन को भी सुधारते हैं. संतुलित आहार में फलों को भी शामिल करना जरूरी है. डायबिटीज के मरीजों के लिए अमरूद, सेब और नाशपाती जैसे लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल बेहतर विकल्प हैं, क्योंकि ये रक्त शर्करा को तेजी से नहीं बढ़ाते.
सिर्फ आहार ही नहीं, जीवनशैली में बदलाव भी उतना ही जरूरी है. रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना, हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना, प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय से दूरी बनाना और पर्याप्त नींद लेना ब्लड शुगर कंट्रोल में अहम भूमिका निभाते हैं. सही खानपान और अनुशासन से 30 के बाद भी स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें
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