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Palak And Desi Badi Recipe: पालक भाजी और देसी बड़ी की लपेटेदार सब्जी स्वाद और पोषण का अच्छा मेल है.इसमें कम मसालों का उपयोग होता है और यह आसान तरीके से तैयार की जाती है. आइए जान लेते हैं गृहिणी लक्ष्मी नायक के अनुसार इसे बनाने की विधि…
Palak And Desi Badi Recipe: ग्रामीण खानपान की पारंपरिक और पौष्टिक रेसिपी आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. छत्तीसगढ़ के घरों में बनने वाली पालक भाजी और देसी बड़ी की लपेटेदार सब्जी स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इस सब्जी की खास बात यह है कि इसमें ज्यादा मसालों की आवश्यकता नहीं होती, फिर भी इसका स्वाद लाजवाब होता है. गृहिणी लक्ष्मी नायक ने इस पारंपरिक रेसिपी की विधि साझा करते हुए बताया कि यह सब्जी कम खर्च में तैयार हो जाती है और पूरे परिवार के लिए पौष्टिक भोजन का बेहतर ऑप्शन है. गृहिणी लक्ष्मी नायक के अनुसार, पालक भाजी आयरन, कैल्शियम और विटामिन से भरपूर होती है, जबकि देसी बड़ी प्रोटीन का अच्छा स्रोत है. दोनों को मिलाकर बनाई गई यह सब्जी शरीर को ऊर्जा देने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती है. उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग फास्ट फूड की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, लेकिन ऐसी पारंपरिक सब्जियां स्वास्थ्य के लिए कहीं अधिक लाभकारी हैं.
साम्रगी में क्या-क्या चाहिए
रेसिपी के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहले ताजी पालक भाजी को काटकर साफ पानी में अच्छी तरह धो लेना चाहिए. इसके बाद एक कढ़ाई को गैस पर रखकर उसमें तेल गर्म किया जाता है और उसमें देसी बड़ी डालकर सुनहरे रंग तक भून लिया जाता है. भुनने के बाद बड़ी को एक कटोरी में निकालकर हाथ से छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लिया जाता है, ताकि वह सब्जी में अच्छे से पक सके और स्वाद भी बढ़े. इसके बाद उसी कढ़ाई में दोबारा तेल डालकर तड़का लगाया जाता है. तड़के में सरसों, हरी मिर्च और प्याज डालकर लगभग पांच मिनट तक पकाया जाता है. जब प्याज का रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तब उसमें हल्दी, टमाटर और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छे से मिलाया जाता है. इसके बाद भुनी हुई देसी बड़ी और कटी हुई पालक भाजी डालकर मिश्रण को अच्छी तरह चलाया जाता है.
कैसे बनाए सब्जी?
गृहिणी लक्ष्मी नायक ने बताया कि सब्जी को धीमी आंच पर करीब 15 मिनट तक पकाना चाहिए, ताकि पालक और बड़ी दोनों अच्छे से गल जाएं और मसाले आपस में मिलकर लपेटेदार स्वाद तैयार करें. पकने के बाद यह सब्जी खुशबूदार और देखने में भी आकर्षक लगती है. उन्होंने कहा कि पालक और देसी बड़ी की यह लपेटेदार सब्जी चावल और रोटी दोनों के साथ खाई जा सकती है. यह खास तौर पर सर्दियों के मौसम में ज्यादा बनाई जाती है, लेकिन सालभर इसका स्वाद लिया जा सकता है. ग्रामीण क्षेत्रों में यह सब्जी पारंपरिक भोजन का हिस्सा रही है और अब शहरी इलाकों में भी लोग इसे पसंद करने लगे हैं. इस तरह पालक भाजी और देसी बड़ी की लपेटेदार सब्जी स्वाद, पोषण और परंपरा का बेहतरीन संगम है. कम मसालों में बनने वाली यह सब्जी हर वर्ग के लोगों के लिए सेहतमंद और किफायती ऑप्शन साबित हो रही है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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