Idli Podi Recipe: सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत भी चाहिए? इडली के साथ ट्राई करें अलसी इडली पोड़ी का देसी कमाल

Idli Podi Recipe: सुबह की जल्दी, रसोई में उबलती इडली और साथ में अगर कुछ अलग, देसी और हेल्दी मिल जाए-तो दिन अपने आप बेहतर लगने लगता है. आजकल लोग सिर्फ स्वाद नहीं, खाने के पीछे की कहानी और पोषण भी जानना चाहते हैं. ऐसे में दक्षिण भारत की पारंपरिक इडली पोड़ी का एक नया, सेहतमंद रूप सामने आ रहा है-अलसी (Flax Seeds) वाली इडली पोड़ी. यह कोई भारी-भरकम फ्यूज़न रेसिपी नहीं, बल्कि घर की रसोई में आराम से बनने वाला ऐसा चटनी पाउडर है, जो स्वाद में परिचित है और सेहत में आगे. अलसी को लेकर अक्सर लोग असमंजस में रहते हैं-कभी इसे वजन घटाने से जोड़ते हैं, कभी हार्ट हेल्थ से. लेकिन जब यही अलसी इडली पोड़ी में ढलती है, तो वह रोज़मर्रा के खाने का हिस्सा बन जाती है. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है.

इडली पोड़ी: परंपरा का स्वाद, रोज़मर्रा की सुविधा
दक्षिण भारत में इडली पोड़ी सिर्फ एक साइड नहीं, बल्कि रोज़ की जरूरत है. ट्रेन के सफर से लेकर ऑफिस टिफिन तक, यह सूखा चटनी पाउडर हर जगह फिट बैठता है. आमतौर पर इसमें उड़द दाल, चना दाल, सूखी लाल मिर्च और तिल इस्तेमाल होते हैं. लेकिन समय के साथ रेसिपी भी बदली है-आज लोग इसमें मूंगफली, कद्दू के बीज और अब अलसी तक शामिल कर रहे हैं.

क्यों खास है अलसी ?
अलसी कोई नया सुपरफूड नहीं, बल्कि दादी-नानी के नुस्खों का पुराना सितारा है. इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और प्लांट-बेस्ड प्रोटीन भरपूर होता है. जो लोग लंबे समय तक पेट भरा रखना चाहते हैं या दिल की सेहत को लेकर सजग हैं, उनके लिए अलसी एक आसान विकल्प है. जब इसे इडली पोड़ी में मिलाया जाता है, तो इसका हल्का नट्टी स्वाद बाकी मसालों के साथ अच्छी तरह घुल जाता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

स्वाद और सेहत का संतुलन
कई बार हेल्दी चीज़ें स्वाद में समझौता करवा देती हैं, लेकिन अलसी इडली पोड़ी के साथ ऐसा नहीं है. सही मात्रा में भुनी अलसी, दालों की खुशबू और मिर्च की हल्की तीखापन-तीनों मिलकर संतुलित स्वाद बनाते हैं. यह न बहुत भारी लगती है, न फीकी.

घर पर कैसे बनाएं अलसी इडली पोड़ी
इस रेसिपी की सबसे अच्छी बात इसकी सादगी है. एक कढ़ाही में अलसी को धीमी आंच पर भूनें, जब तक हल्की खुशबू न आने लगे. अलग से उड़द दाल और चना दाल को सुनहरा होने तक भूनें. सूखी लाल मिर्च और थोड़ी सी हींग डालकर सबको ठंडा होने दें. अब नमक के साथ मिक्सी में दरदरा पीस लें. बस, आपकी अलसी इडली पोड़ी तैयार है.

परोसने के छोटे-छोटे तरीके
इडली या डोसा के साथ तो यह क्लासिक है ही, लेकिन कई लोग इसे गर्म चावल और घी के साथ भी खाते हैं. कुछ घरों में इसे पराठे या सैंडविच में छिड़ककर नया ट्विस्ट दिया जाता है. यही इसकी खूबी है-यह हर प्लेट में फिट हो जाती है.

बदलती रसोई, बदलते स्वाद
आज की शहरी रसोई में लोग ऐसे विकल्प ढूंढ रहे हैं जो जल्दी बनें, लंबे समय तक चलें और सेहत से समझौता न करें. अलसी इडली पोड़ी इसी सोच का नतीजा है. यह न तो पूरी तरह पारंपरिक है, न पूरी तरह आधुनिक-बल्कि दोनों के बीच की एक समझदार कड़ी है.

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *