200 लीटर खून हर दिन… लेकिन किडनी कब थक सकती है? जानिए आसान टिप्स

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किडनी हमारे शरीर का साइलेंट हीरो है, जो बिना थके हर दिन खून को साफ करने का काम करता है. लेकिन, बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और लापरवाही की वजह से आज किडनी डैमेज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए किडनी की सेहत को लेकर जागरूक रहना बेहद जरूरी है.

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सहारनपुर. देश में किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. भारत में क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) अब एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है. आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में देश में 13.8 करोड़ से अधिक किडनी रोग के मामले दर्ज किए गए, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गया है. 2011–2017 के बीच जहां यह आंकड़ा 11.12% था, वहीं 2018–2023 में बढ़कर 16.38% तक पहुंच गया. हर साल करीब दो लाख से अधिक नए किडनी फेलियर के मामले सामने आ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि किडनी खराब होने के पीछे सबसे बड़ा कारण हमारी खुद की लापरवाही है.

शरीर में किडनी की अहम भूमिका
किडनी यानी गुर्दे हमारे शरीर का एक बेहद जरूरी अंग हैं. ये प्रतिदिन करीब 200 क्वार्ट (लगभग 190 लीटर) खून को छानकर शरीर से विषैले तत्व, यूरिया, क्रिएटिनिन और अतिरिक्त पानी को मूत्र के जरिए बाहर निकालते हैं. इसके अलावा किडनी रक्तचाप को नियंत्रित करने, इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और हड्डियों को मजबूत रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. ऐसे में किडनी का कमजोर होना पूरे शरीर के लिए खतरे की घंटी है.

बढ़ती गर्मी और एसी बना किडनी का दुश्मन
आयास आयुर्वेदिक चिकित्सालय के बीएएमएस, एमडी डॉक्टर हर्ष बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में किडनी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सहारनपुर में ही तीन से चार नए डायलिसिस सेंटर खुल चुके हैं. डॉ. हर्ष के अनुसार, गर्मी बढ़ने के साथ लोगों में एसी का अत्यधिक उपयोग एक बड़ी समस्या बन गया है. घर, गाड़ी और ऑफिस, लगभग हर जगह लोग 24 घंटे एसी में रहना पसंद कर रहे हैं. एसी आसपास के वातावरण को ठंडा रखता है, जिससे शरीर से पसीना नहीं निकल पाता. जबकि शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलने के दो ही रास्ते होते हैं. पसीना और मूत्र. जब पसीना निकलना रुक जाता है, तो पूरा दबाव किडनी पर आ जाता है, जिससे समय के साथ किडनी कमजोर होकर खराब होने लगती है.

बिना डॉक्टर की सलाह दवाइयां लेना भी खतरनाक
डॉ. हर्ष बताते हैं कि आजकल लोग मामूली दर्द या परेशानी होने पर सीधे मेडिकल स्टोर से पेनकिलर या अन्य दवाइयां खरीदकर लेने लगते हैं. लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का सेवन करने से किडनी पर सीधा असर पड़ता है. खासकर दर्द निवारक दवाइयां किडनी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं.

खुद ही करना होगा बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में बदलाव बेहद जरूरी है. एसी का सीमित उपयोग करें, शरीर से पसीना निकलने दें, पर्याप्त पानी पिएं और किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें. समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना भी जरूरी है, ताकि किडनी से जुड़ी समस्या को शुरुआती चरण में ही पकड़ा जा सके. कुल मिलाकर, छोटी-छोटी लापरवाहियां ही भविष्य में बड़ी बीमारी का कारण बन रही हैं. अगर समय रहते सावधानी बरती जाए, तो किडनी को खराब होने से काफी हद तक बचाया जा सकता है.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें

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