छतरपुर जिले के बिजावर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की आवाज उठाने वाले समाजसेवी अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में भारी आक्रोश फैल गया है। हजारों आदिवासी महिलाओं और ग्रामीणों ने उनकी रिहाई की मांग को लेकर बिजावर एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द रिहा नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पुलिस ने सोमवार को अमित भटनागर के खिलाफ धारा-151 (शांति भंग की आशंका) के तहत कार्रवाई की है। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण ढंग से विस्थापन, मुआवजा और पुनर्वास से संबंधित मुद्दे उठा रहे थे। आरोप है कि उनकी गिरफ्तारी जन आंदोलन को दबाने का प्रयास है। ‘समस्या उठाने वाले को जेल भेजना अन्याय’ धरने में शामिल आदिवासी महिलाओं ने बताया कि केन-बेतवा परियोजना के कारण उनका जीवन, जमीन और रोजगार प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि जब कोई उनकी समस्याओं को उठाता है, तो उसे जेल भेज दिया जाता है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। जिला स्तर पर आंदोलन की चेतावनी विभिन्न सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि अमित भटनागर को जल्द रिहा नहीं किया गया तो जिला स्तर पर एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। .