फरवरी में करें डाइट में बदलाव, नींद में सुधार के साथ खांसी-जुकाम से भी मिलेगा छुटकारा

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वसंत ऋतु में कफ दोष बढ़ता है जिससे नींद और अपच की समस्या होती है. आयुर्वेद में मूंग की दाल की खिचड़ी, बाजरा, लौकी, तोरई, परवल और जौ का सूप खाने की सलाह दी जाती है.

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वसंत के आगमन के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिलता है. दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की सर्दी बीमारियों का कारण बनती हैं, इसलिए जरूरी है कि आहार ऋतु के अनुसार ही बदलना चाहिए. वसंत ऋतु के समय ज्यादातर लोग नींद से जुड़ी परेशानियों से जूझते हैं, और इसका सबसे बड़ा कारण है कफ दोष की वृद्धि. वसंत ऋतु के आगमन के साथ शरीर में कफ दोष की वृद्धि होती है, जिससे रात के समय भारीपन, नींद न आना और अपच की समस्या बनी रहती है.

आयुर्वेद में वसंत को ऊर्जा का काल और संक्रमण का तेजी से फैलने का समय भी माना है. वसंत ऋतु में लोग हल्की गर्मी की वजह से ठंडी चीजों को आहार में शामिल करते हैं, जिसकी वजह से बुखार और सर्दी की समस्या होती है. आयुर्वेद में वसंत ऋतु में आहार परिवर्तन की सलाह दी जाती है, जिससे शरीर को संतुलित और बीमारियों से दूर रखा जा सके.

डाइट में करें ये बदलाव 

वसंत ऋतु में मूंग की दाल की खिचड़ी खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये खाने में हल्की होती है और पेट पर किसी तरह का दबाव भी नहीं पड़ता है. अगर खिचड़ी में एक चुटकी सोंठ पाउडर डाल लिया जाए तो खिचड़ी औषधि बन जाती है. इससे शरीर हल्की गुलाबी ठंड से बचा रहता है और नींद भी अच्छे से आती है.

वसंत के मौसम में लौकी, तोरई और परवल जैसी सब्जियां बाजार में आसानी से मिल जाती हैं. इन तीनों सब्जियों को मिलाकर हल्का भूनकर और स्टीम करके खाना चाहिए. ये फाइबर की कमी को पूरा करती हैं और पेट से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करती हैं. खाने में हल्की होने के बाद तीनों सब्जियां विटामिन से भरी होती हैं.

लोगों को लगता है कि बाजरे का सेवन सिर्फ सर्दियों में ही किया जाता है, लेकिन यह गलत है. वसंत ऋतु में भी बाजरा खाकर खुद को स्वस्थ रखा जा सकता है. बाजरा तासीर में गर्म होता है और प्रोटीन और आयरन से भरपूर होता है. यह शरीर को फुर्ती देता है और संक्रमण से भी बचाता है. इसके अलावा, हल्की वाला दूध, पपीता, अदरक और शहद का पानी और जौ का सूप पीना भी लाभकारी होता है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

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फरवरी में करें डाइट चेंज, नींद में सुधार, खांसी-जुकाम से भी मिलेगा छुटकारा

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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