श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि का उत्सव बड़ी धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। शनिवार को शिवनवरात्रि के दूसरे दिन श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण स्थित कोटितीर्थ के तट पर सुबह 8 बजे से श्री गणेश पूजन एवं श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, अभिषेक व आरती संपन्न हुई। श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा श्री महाकालेश्वर भगवान का अभिषेक एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ के साथ किया गया। दोपहर तीन बजे के बाद संध्या पूजन के पश्चात भगवान श्री महाकालेश्वर का नवीन वस्त्रों से श्रृंगार किया गया। उन्हें मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुंड-माला, छत्र आदि से सुसज्जित किया गया। साथ ही भांग, चंदन और सूखे मेवों से दिव्य श्रृंगार कर भगवान को नारंगी की माला एवं मुंड-माला अर्पित की गई। श्री महाकालेश्वर भगवान 15 फरवरी तक प्रतिदिन सायंकाल अलग-अलग स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देंगे। 15 फरवरी तक होंगे यह श्रृंगार 8 फरवरी: शेषनाग श्रृंगार। 9 फरवरी: घटाटोप श्रृंगार। 10 फरवरी: छबीना श्रृंगार। 11 फरवरी: होलकर श्रृंगार। 12 फरवरी: मनमहेश श्रृंगार। 13 फरवरी: उमा महेश श्रृंगार। 14 फरवरी: शिव तांडव श्रृंगार। 15 फरवरी: सप्तधान का मुखौटा। .