Last Updated:
मध्य प्रदेश के कटनी से जमीन के 400 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप सामने आया है और इसकी शिकायत मुख्य सचिव से की गई है. गड़बड़ी का आरोप कांग्रेस के नेता ने बीजेपी विधायक संजय पाठक पर लगाया है.
संजय पाठक
यमध्यप्रदेश की राजनैतिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया. जब कटनी पहुंचे अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास के समक्ष कांग्रेस नेता ने नगर निगम की महत्वकांशी आवासीय योजना क्रमांक-15 से जुड़ा मामला उठाते हुए बीजेपी के दिग्गज विधायकों में शुमार संजय पाठक पर 400 करोड़ की बेशकीमती जमीन खुद-बुर्द करने के गंभीर आरोप लगा दिए.
दरअसल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर आयुक्त शिशिर गेमावत समेत उप संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास नीलेश दुबे सागर से होते हुए कटनी पहुंचे. जहां उन्होंने एम.एस.डब्लू प्लांट, पीएम आवासों का निरीक्षण करते हुए जिला पंचायत कार्यालय में एक विशेष बैठक ली. इसी दौरान शिकायतकर्ता के रूप में पहुंचे कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा, कमल पांडे समेत 2 पार्षदों ने मिलकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे से भाजपा विधायक संजय पाठक पर कटनी नगर निगम की एक आवासीय योजना में करोड़ों रुपए की भूमि हेराफेरी करने की लिखित शिकायत दर्ज करा दी.
लगभग 400 करोड़ रुपए की है जमीन
कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा ने बताया कि कटनी नगर निगम की आवासीय योजना क्रमांक-15 के तहत अधिग्रहित जमीन लगभग 20.50 एकड़, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब 400 करोड़ रुपए आंकी जा रही है उसे नियमों को ताक पर रखकर अधिग्रहण से मुक्त कराया गया. दिव्यांशु मिश्रा ने विधायक संजय पाठक पर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम और राजस्व विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अपनी पारिवारिक कंपनियों के नाम पर इस जमीन को गैरकानूनी तरीके से खरीद लिया और उस पर अवैध कब्जा जमा लिया.
जबकि तत्कालीन नगर सुधार न्यास द्वारा इस योजना के अंतर्गत शहर की आम जनता को रियायती दरों पर 311 भूखंड उपलब्ध कराए जाने थे. शिकायतकर्ता कमल पांडे का कहना है कि जहां मध्यम और गरीब वर्ग के लोग अपने घर का सपना देख रहे थे लेकिन सत्ता के रसूख का इस्तेमाल कर पूरी जमीन को निजी स्वार्थ के लिए हड़प लिया गया. वही अपर मुख्य सचिव संजय दुबे को दी गई शिकायत में कमल पांडे ने नगर निगम की वर्तमान कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए.
नियम के अनुसार होगी जांच
फिलहाल पूरे मामले में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने गंभीरता दिखाई है. उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने शासकीय और अधिग्रहित भूमि की हेराफेरी के संबंध में कुछ दस्तावेज सौंपे हैं. प्राप्त दस्तावेजों का सूक्ष्मता से परीक्षण किया जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.
.