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Junglee Jalebi ke Fayde: क्या आपने कभी पेड़ पर उगने वाली जलेबी देखी है, जिसे देशी या जंगली जलेबी कहा जाता है. यह अनोखा फल मई-जून में कुछ ही दिनों के लिए मिलता है और स्वाद में बिल्कुल बाजार की जलेबी जैसा होता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं जो इम्युनिटी और लिवर के लिए फायदेमंद हैं. ग्रामीण इलाकों में इसे प्राकृतिक औषधि की तरह इस्तेमाल किया जाता है. बिना मिलावट और पूरी तरह प्राकृतिक यह फल स्वाद और सेहत का शानदार मेल है.
Desi Jalebi ke Fayde: आपने बाजार में बेसन या मैदे की जलेबी तो कई बार खाई होगी, लेकिन क्या कभी ऐसी जलेबी देखी है जो सीधे पेड़ पर उगती हो? सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन यह बिल्कुल सच है. कुदरत का यह अनोखा तोहफा “देशी जलेबी” या “जंगली जलेबी” कहलाता है, जो स्वाद में भी बाजार की जलेबी जैसी मीठी और रसभरी होती है.
क्या है देशी जलेबी, कहां मिलती है ये अनोखी मिठास
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आर.पी. परौहा के मुताबिक इस फल को अंग्रेजी में Madras Thorn कहा जाता है. यह फल इमली के आकार का होता है और कांटेदार पेड़ों पर लगता है. गांवों, जंगलों और कई जगह सड़क किनारे भी इसके पेड़ आसानी से दिख जाते हैं. लेकिन खास बात यह है कि यह फल साल में सिर्फ एक बार, मई-जून के महीने में ही लगता है और वह भी कुछ ही दिनों के लिए.
कच्चा कसैला, पका तो बिल्कुल जलेबी जैसा स्वाद
डॉ. परौहा बताते हैं कि जब यह फल कच्चा होता है तो स्वाद में कसैला लगता है. लेकिन जैसे-जैसे यह पकता है, इसका रंग लाल हो जाता है और स्वाद मीठा व रसदार हो जाता है. पूरी तरह पकने पर इसका स्वाद बिल्कुल बाजार की जलेबी जैसा लगता है. इसी वजह से इसे देशी जलेबी, जंगली जलेबी और कई जगहों पर गंगा जलेबी भी कहा जाता है.
स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी रामबाण
जंगली जलेबी सिर्फ स्वाद में ही नहीं, सेहत में भी कमाल की होती है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं. यह लिवर को मजबूत बनाती है, इम्युनिटी बढ़ाती है और पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत देती है. गांवों में लोग इसे मुंह के छाले, दांत दर्द, कब्ज और पाचन की दिक्कतों में भी इस्तेमाल करते हैं.
प्राकृतिक मिठास, बिना मिलावट
ग्रामीण इलाकों में लोग पीढ़ियों से इस फल को खाते आ रहे हैं और इसे एक प्राकृतिक औषधि मानते हैं. बाजार की तली-भुनी मिठाइयों के मुकाबले यह पूरी तरह शुद्ध, बिना मिलावट और शरीर के लिए फायदेमंद विकल्प है. अगर कभी आपको गांव, जंगल या सड़क किनारे यह फल दिख जाए, तो इसे नजरअंदाज मत कीजिएगा.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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