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14 मिनट पहले
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आजकल टाइट जीन्स फैशन का अहम हिस्सा बन गया है, ये हमारी सेहत पर भारी पड़ सकता है।
हाल ही में ‘अमेरिकन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, बहुत टाइट कपड़े पहनने से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का रिस्क बढ़ सकता है।
टाइट कपड़े या जीन्स पहनने से शरीर के प्राइवेट एरिया में एयर फ्लो कम हो जाता है, जिससे पसीना बढ़ता है और नमी बनी रहती है। यह बैक्टीरिया पनपने के लिए अनुकूल माहौल है, जो UTI का बड़ा कारण है। इसे नजरअंदाज करने पर किडनी डैमेज का रिस्क बढ़ जाता है। टाइट जीन्स स्किन इरिटेशन, फंगल इंफेक्शन और असहजता भी बढ़ाते हैं। इसे ‘स्किनी जीन्स सिंड्रोम’ भी कहते हैं।
इसलिए जरूरत की खबर में टाइट जीन्स पहनने के हेल्थ रिस्क समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- टाइट जीन्स से UTI का रिस्क क्यों बढ़ता है?
- किन लोगों को इसका ज्यादा खतरा है?
एक्सपर्ट: डॉ. शिवराम, कंसल्टेंट, यूरोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर
सवाल- टाइट जीन्स पहनना सेहत के लिए क्यों नुकसानदायक है?
जवाब- टाइट जीन्स पहनने से शरीर पर लगातार दबाव बना रहता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और नसों पर दबाव पड़ सकता है। पेट पर ज्यादा दबाव होने से गैस, एसिडिटी और पाचन की समस्या हो सकती है।
बहुत टाइट कपड़े पहने के कारण स्किन इरिटेशन या इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। यह समस्या महिलाओं को ज्यादा होती है। इससे पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी भी प्रभावित हो सकती है।
सवाल- लंबे समय तक टाइट जीन्स पहनने से क्या हेल्थ रिस्क हो सकते हैं?
जवाब- अगर कोई लगातार कई दिनों तक टाइट जीन्स पहन रहा है तो इसके कई हेल्थ रिस्क हो सकते हैं। इन्हें ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या टाइट जीन्स पहनने से महिलाओं की वजाइनल हेल्थ प्रभावित होती है?
जवाब- हां, लंबे समय तक टाइट जीन्स पहनने से महिलाओं की वजाइनल हेल्थ प्रभावित हो सकती है। बहुत टाइट कपड़े पहनने से हवा नहीं पास होती है, जिसके चलते पसीना नहीं सूख पाता है। इसके कारण नमी रह जाती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस के पनपने का रिस्क बढ़ जाता है। ये खुजली, जलन और यीस्ट इंफेक्शन का कारण बन सकता है।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. शिवराम बताते हैं कि टाइट जीन्स के बार-बार स्किन पर रगड़ने से स्किन इरिटेशन भी हो सकती है। इसलिए ढीले और कॉटन के कपड़े वजाइनल हेल्थ के लिए ज्यादा सुरक्षित होते हैं।
सवाल- टाइट जीन्स से कैसे यीस्ट इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है?
जवाब- हां, बहुत टाइट कपड़े पहनने से प्राइवेट एरिया में पसीना और नमी जमा हो जाती है। इसके कारण यीस्ट इंफेक्शन, खुजली और जलन हो सकती है। बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो सकता है।
इसके अलावा टाइट जीन्स के ज्यादा दबाव से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे असहजता बढ़ती है। कभी-कभार टाइट जीन्स पहनना नुकसानदायक नहीं है, लेकिन रोज के लिए ढीले, कॉटन और आरामदायक कपड़े ही ज्यादा सुरक्षित होते हैं।

सवाल- ‘स्किनी जीन्स सिंड्रोम’ क्या है और इसके क्या लक्षण हैं?
जवाब- ‘स्किनी जीन्स सिंड्रोम’ कोई डिजीज नहीं है। यह बहुत टाइट जीन्स पहनने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक कॉमन टर्म है।
- जीन्स ज्यादा टाइट होने से नसों पर और मसल्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
- इससे पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट, दर्द या जलन महसूस हो सकती है।
- कुछ मामलों में पैरों में सूजन हो जाती है, जिससे चलने में परेशानी हो सकती है।
- लंबे समय तक बैठने या झुककर काम करने पर परेशानी बढ़ सकती है।
- ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने से थकान भी महसूस हो सकती है।
अगर जीन्स उतारने के तुरंत बाद राहत मिले, तो ये स्किनी जीन्स सिंड्रोम का मुख्य लक्षण है। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लगातार कई दिनों तक टाइट जीन्स पहनने से क्या कॉम्प्लिकेशंस हो सकते हैं?
जवाब- टाइट जीन्स के कारण नसों पर लंबे समय तक दबाव रहने से नर्व डैमेज का रिस्क बढ़ता है। बार-बार फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण किडनी डिजीज का रिस्क बढ़ता है। पुरुषों का टेस्टिकुलर टेम्परेचर बढ़ने से फर्टिलिटी प्रभावित हो सकती है।
सवाल- टाइट जीन्स से मेल फर्टिलिटी क्यों प्रभावित होती है?
जवाब- इससे टेस्टिस के आसपास का तापमान बढ़ जाता है। शुक्राणुओं के बनने और उनके सुरक्षित बने रहने के लिए टेस्टिकुलर का तापमान शरीर के सामान्य तापमान से थोड़ा कम होना चाहिए।
अगर टेस्टिकुलर के आसपास लंबे समय तक तापमान अधिक बना रहे तो स्पर्म काउंट कम हो सकता है। स्पर्म के मूवमेंट की क्षमता कम हो जाती है।
- ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने से टेस्टिकुलर सही से काम नहीं करते हैं।
- जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उन पर इसका ज्यादा प्रभाव हो सकता है।
सवाल- क्या टाइट जीन्स पहनने से कमर, घुटनों और बैक पेन की समस्या बढ़ती है?
जवाब- डॉ. शिवराम कहते हैं कि लगातार टाइट जीन्स पहनने से कमर, घुटनों और बैक पेन की समस्या बढ़ सकती है।
- टाइट जीन्स शरीर की नेचुरल मूवमेंट को सीमित कर देता है।
- इससे बैठने, चलने और झुकने के दौरान मसल्स और जोड़ों पर ज्यादा दबाव पड़ता है।
- कमर और कूल्हों पर दबाव रहने से रीढ़ सीधी नहीं रहती है, जिससे लोअर बैक पेन बढ़ सकता है।
- घुटनों के आसपास टाइट फिट कपड़े होने से जॉइंट्स सही तरह से मूव नहीं कर पाते, जिससे दर्द और अकड़न हो सकती है।
- लंबे समय तक यह स्थिति रहने पर मसल स्ट्रेन और पॉश्चर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ता है।
सवाल- क्या टाइट जीन्स पहनने से एसिडिटी, गैस या पाचन से जुड़ी दिक्कतें बढ़ जाती हैं
जवाब- हां, इससे पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- बहुत टाइट कपड़े पहनने से पेट और कमर पर दबाव पड़ता है, जिससे पेट के अंदर का प्रेशर बढ़ जाता है।
- प्रेशर के कारण पेट में भोजन पचाने के लिए बन रहा एसिड ऊपर की ओर आ सकता है, जिसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है।
- लंबे समय तक दबाव रहने से डाइजेस्टिव सिस्टम की सामान्य मूवमेंट भी प्रभावित होती है, जिससे गैस, पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
- खाना खाने के बाद ये समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
सवाल- किन लोगों को खासतौर पर टाइट जीन्स पहनने से बचना चाहिए?
जवाब- लंबे समय तक टाइट जीन्स पहनना सभी के लिए नुकसानदायक है, लेकिन कुछ लोगों को इससे खास तौर पर बचना चाहिए। जैसे कि–
- जिन्हें पहले से बैक पेन, घुटनों का दर्द या नसों से जुड़ी समस्या है।
- जिन्हें एसिडिटी, गैस या पाचन की समस्या है।
- जिन महिलाओं की बार-बार वजाइनल इंफेक्शन की हिस्ट्री है।
- जिन पुरुषों को फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या है।
- जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं।
- जिनका वजन ज्यादा है।
- जो महिलाएं प्रेग्नेंट हैं।
टाइट जीन्स कभी-कभार पहनना ठीक है, लेकिन रोज बहुत टाइट कपड़े पहनने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। आरामदायक, ढीले और कॉटन के कपड़े पहनकर इंफेक्शन और अन्य समस्याओं से बच सकते हैं।
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