3 घंटे पहले
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मिथुन और कन्या राशि का स्वामी बुध 3 फरवरी की रात राशि बदलकर मकर से कुंभ में आ गया है। बुध बुद्धि, तर्क, संचार और व्यापार का कारक ग्रह है। शनि की कुंभ राशि में बुध के आने से लोगों के विचारों में नवीनता आती है और ज्ञान से जुड़े कामों में लाभ होता है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, अब बुध 26 फरवरी वक्री होगा, 21 मार्च को मार्गी होगा और फिर 10 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करेगा। जानिए सभी राशियों के लिए बुध ग्रह का कैसा असर रह सकता है..
बुध इस राशि के ग्याहरवें भाव में आ गया है। आय के नए स्रोत बढ़ेंगे। 26 फरवरी से 21 मार्च के बीच वक्री बुध की वजह से पुराने दोस्तों से अनबन हो सकती है या अटका पैसा मिलने में देरी हो सकती है। धैर्य से काम लें, अप्रैल के पहले हफ्ते तक स्थिति अनुकूल हो जाएगी।
दशम भाव में बुध इन लोगों के करियर को नई दिशा देगा। अधिकारियों से प्रशंसा मिलेगी। बुध की वक्री अवस्था में कार्यक्षेत्र में कुछ गलतियां हो सकती हैं, इसलिए ईमेल या मैसेज भेजने से पहले ठीक से जांच लें। 21 मार्च के बाद पदोन्नति हो सकती है।
नवम स्थान में बुध के आने से धार्मिक यात्राएं हो सकती हैं। छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर खुलेंगे। वक्री बुध की वजह से यात्रा की योजना अचानक बदल सकती है। पिता के साथ वैचारिक मतभेद न रखें। 10 अप्रैल तक आपका झुकाव आध्यात्मिकता की ओर अधिक रहेगा।
आठवें भाव का बुध शोध संबंधी कामों में रुचि बढ़ाएगा। धन लाभ के योग हैं। वक्री समय में त्वचा या एलर्जी की समस्या हो सकती है। वाहन सावधानी से चलाएं। 21 मार्च के बाद रुके हुए पैतृक संपत्ति के मामले सुलझ सकते हैं।
सप्तम भाव का बुध साझेदारी और वैवाहिक जीवन को प्रभावित करेगा। व्यापार में नए अनुबंध हो सकते हैं। वक्री बुध जीवनसाथी के साथ गलतफहमी बढ़ा सकता है। मार्च के अंत में रिश्तों में सुधार होगा।
छठे भाव में बुध इन लोगों के कौशल और तर्कशक्ति को बढ़ाएगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए समय अच्छा है, लेकिन विरोधियों से सावधान रहें। वक्री बुध की वजह से सेहत बिगड़ सकती है। पुराने विवादों को न बढ़ाएं। 10 अप्रैल तक कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिल सकती है।
पंचम भाव में बुध बुद्धि और विवेक में वृद्धि करेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। वक्री बुध के कारण प्रेम संबंध में तनाव आ सकता है। शेयर बाजार में निवेश करने वाले 26 फरवरी से 21 मार्च के बीच सतर्क रहें। इसके बाद का समय निवेश के लिए थोड़ा ठीक है।
चौथे भाव में बुध पारिवारिक सुख और संपत्ति के मामलों पर असर डालेगा। नया वाहन खरीदने का विचार बन सकता है। वक्री बुध के कारण घर में क्लेश की स्थिति बन सकती है। शांत रहकर घर का माहौल संतुलित बनाए रखें।
तीसरे भाव का बुध आपके आत्मविश्वास और छोटे भाई-बहनों से रिश्ता मजबूत करेगा। छोटी यात्राएं लाभकारी रहेंगी। वक्री बुध के कारण इंटरनेट या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बिगड़ सकते हैं। 21 मार्च के बाद आपके प्रयास रंग लाएंगे और सफलता मिलेगी।
दूसरे भाव में बुध धन और वाणी का प्रभाव बढ़ाएगा। बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी। वक्री बुध की वजह से इन लोगों की वाणी कड़वी हो सकती है, सोच-समझकर बोलें, वर्ना रिश्तों में दूरी आ सकती है। निवेश के लिए 21 मार्च के बाद का समय ठीक रहेगा। 10 अप्रैल तक परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है।
बुध इसी राशि में है। यह आपकी बुद्धिमत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। वक्री बुध के कारण आत्म-चिंतन करेंगे, जो आपके व्यक्तित्व के लिए अच्छा है। महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णय 21 मार्च के बाद लेना शुभ रहेगा।
बारहवें भाव में बुध है, इस कारण विदेशी संपर्क होंगे, लेकिन खर्च बढ़ेंगे। अनिद्रा की समस्या हो सकती है। वक्री बुध के कारण फिजूलखर्ची होगी। 10 अप्रैल को जब बुध इस राशि में आएगा, तब आपके रुके हुए काम गति पकड़ेंगे और शांति मिलेगी।
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