दही और छाछ दोनों ही भारतीय खान–पान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. गर्मियों में तो ये शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन के लिए भी बेहद असरदार माने जाते हैं. कई बार confusion रहता है कि आखिर दोनों में से कौन-सा रोज़ाना खाना ज़्यादा बेहतर है. आइए समझते हैं दोनों के फायदे, अंतर और सही विकल्प.
दही—गाढ़ा, पौष्टिक और पेट भरने वाला
दही दूध को जमाकर बनाया जाता है, इसलिए इसमें पोषक तत्व अधिक मात्रा में रहते हैं.
दही के फायदे
प्रोटीन अधिक होता है, जिससे मांसपेशियों को लाभ मिलता है.
इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों को स्वस्थ रखते हैं.
पेट लंबे समय तक भरा रहता है, इसलिए वजन घटाने वालों के लिए बढ़िया है.
कैल्शियम से भरपूर होने के कारण हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं.
एसिडिटी और गैस को शांत करने में मदद करता है.
कब अच्छा है दही?
दोपहर के खाने में
खिचड़ी, पराठे या चावल के साथ
जिन्हें ज्यादा भूख लगती हो
बच्चों और बुजुर्गों के लिए
छाछ—हल्की, ठंडी और पाचन के लिए सबसे बढ़िया
छाछ दही को पानी मिलाकर पतला करके बनाई जाती है. इसमें स्वाद बढ़ाने के लिए नमक, भुना जीरा, काली मिर्च आदि डाले जाते हैं.
छाछ के फायदे
शरीर को विशेषकर गर्मियों में तुरंत ठंडक देती है.
पाचन शक्ति बढ़ाती है और कब्ज, एसिडिटी को कम करती है.
कैलोरी बहुत कम होती है, इसलिए वज़न नियंत्रित रखने वालों के लिए परफेक्ट है.
इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होने के कारण dehydration दूर करती है.
भारी खाना खाने के बाद छाछ लेने से पेट हल्का रहता है.
कब अच्छा है छाछ?
गर्मियों में दिन के समय
तला–भुना भोजन खाने के बाद
वजन घटाने वालों के लिए
एसिडिटी से पीड़ित लोगों के लिए
तो कौन है ज़्यादा फायदेमंद?
यह आपकी ज़रूरत पर निर्भर करता है.
अगर आपको प्रोटीन, पोषण और पेट भरा रखने वाला विकल्प चाहिए—दही खाएं.
अगर आपको हल्का, पचने में आसान और ठंडक देने वाला पेय चाहिए—छाछ पिएं.
दोनों ही शरीर के लिए अच्छे हैं, बस सही समय और जरूरत के हिसाब से चुनना चाहिए.