किडनी स्टोन निकालने के लिए कौन सी सर्जरी मानी जाती है बेस्ट? गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट से जान लीजिए

Last Updated:

Kidney Stone Removal: किडनी स्टोन की सर्जरी स्टोन के आकार पर निर्भर करती है. बड़े स्टोन के लिए PCNL, मीडियम साइज के स्टोन के लिए RARS और छोटे स्टोन के लिए ESWL सर्जरी सबसे प्रभावी मानी जाती है. हालांकि 10 से 15 mm साइज का स्टोन रिमूव करने के लिए RARS सर्जरी भी अच्छा ऑप्शन मानी जाती है.

ख़बरें फटाफट

यूरोलॉजिस्ट के मुताबिक किडनी स्टोन की सर्जरी स्टोन के साइज के आधार पर तय की जाती है.

Best Kidney Stone Surgery: किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है और तमाम युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. किडनी स्टोन की वजह से अचानक तेज दर्द, पेशाब में जलन, पेशाब में खून आना और बार-बार यूरिन इंफेक्शन जैसी परेशानियां हो सकती हैं. कई बार छोटे स्टोन पेशाब के रास्ते अपने आप बाहर निकल जाते हैं, लेकिन जब स्टोन बाहर नहीं निकल पाता है, तब उस कंडीशन में सर्जरी की जरूरत पड़ती है. मरीजों के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है कि किडनी स्टोन निकालने के लिए कौन-सी सर्जरी सबसे बेहतर है? चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जान लेते हैं.

नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के वाइस चेयरमैन डॉ. अमरेंद्र पाठक ने News18 को बताया कि किडनी स्टोन निकालने के लिए सर्जरी हमेशा स्टोन के साइज और पोजीशन के आधार पर तय की जाती है. आजकल मॉडर्न टेक्नोलॉजी उपलब्ध हैं, जिसमें ज्यादातर सर्जरी मिनिमली इनवेसिव होती हैं. इससे मरीज जल्दी रिकवर कर लेता है. किडनी स्टोन निकालने के लिए कोई एक सर्जरी सभी मरीजों के लिए बेस्ट नहीं होती है. स्टोन का साइज, उसकी जगह और मरीज की ओवरऑल हेल्थ देखकर ही सही सर्जरी का फैसला लिया जाता है. समय पर जांच और सही तकनीक चुनने से न सिर्फ दर्द से राहत मिलती है, बल्कि भविष्य में जटिलताओं का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है.

किडनी स्टोन रिमूवल के लिए बेस्ट सर्जरी ऑप्शंस

डॉक्टर पाठक ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति की किडनी में 2, 3 या 4 mm का स्टोन है, तो उसके लिए परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (PCNL) सर्जरी को सबसे बेहतर माना जाता है. यह कीहोल सर्जरी होती है. इसमें पहले पेशाब के रास्ते एक कैथेटर डालकर किडनी तक पहुंचाया जाता है, फिर दवा देकर बाहर से एक छोटा सा कीहोल बनाया जाता है. इसके जरिए स्टोन को तोड़कर बाहर निकाल दिया जाता है. सर्जरी के बाद स्टेंट डाला जाता है, जिसे आमतौर पर 2 हफ्ते बाद निकाल दिया जाता है. बड़े स्टोन के लिए PCNL सफल और सुरक्षित तकनीक मानी जाती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

यूरोलॉजिस्ट ने बताया कि 1 से 1.5 mm के स्टोन के लिए रेट्रोग्रेड इंट्रारेनल सर्जरी (RARS) एक बेहतरीन विकल्प है. इस तकनीक में पेशाब के रास्ते एक पतला पाइप के जरिए सीधे किडनी के अंदर पहुंचाया जाता है. वहां लेजर की मदद से स्टोन को बारीक रेत में बदल दिया जाता है. इसके बाद स्टेंट लगाया जाता है, जिसे 2 से 3 हफ्ते बाद निकाल दिया जाता है. डॉक्टर के अनुसार इस तकनीक से 10 से 15 मिलीमीटर तक के स्टोन को भी आसानी से रिमूव किया जाता है. इस सर्जरी को आजकल प्राथमिकता दी जा रही है, क्योंकि इसमें कोई चीरा या कट नहीं लगाया जाता है.

एक्सपर्ट के अनुसार 1 से 1.2 mm तक के छोटे स्टोन के लिए एक्सट्राकॉरपोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (ESWL) का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें बिना चीरा लगाए बाहर से शॉक वेव्स देकर स्टोन को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ दिया जाता है, जो बाद में पेशाब के रास्ते खुद बाहर निकल जाते हैं. हालांकि यह तकनीक हर मरीज और हर तरह के स्टोन के लिए उपयुक्त नहीं होती, इसलिए डॉक्टर पहले पूरी जांच करते हैं.

About the Author

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

homelifestyle

किडनी स्टोन निकालने के लिए कौन सी सर्जरी मानी जाती है बेस्ट? आप भी जान लीजिए

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *