गोंडा: आयुर्वेद में वाच (वच) पौधे को एक खास औषधीय पौधा माना गया है. इसे पारंपरिक रूप से हृदय से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी बताया जाता है. वाच का उपयोग प्राचीन समय से आयुर्वेदिक उपचार में किया जा रहा है.
आयुर्वेद के अनुसार, वाच पौधा शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है और दिल को मजबूत रखने में सहायक माना जाता है. इसके अलावा यह तनाव कम करने, दिमाग को शांत रखने और पाचन सुधारने में भी उपयोगी बताया गया है. तनाव कम होने से हृदय पर पड़ने वाला दबाव भी घटता है.
दिल और दिमाग के लिए फायदेमंद
लोकल 18 से बातचीत के दौरान रामनाथ आरोग्यधाम के वैद्य (डॉ.) अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि वाच (वच) के पौधे दिल और दिमाग के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. माना जाता है कि इसके पंचमूल का प्रयोग करके दिल से और दिमाग से संबंधित बीमारियों को दूर किया जा सकता है.
इन समस्याओं से दिलाएगा छुटकारा
डॉ. अभिषेक मिश्रा के अनुसार, वाच पौधा शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है. जब शरीर में खून का प्रवाह सही तरीके से होता है, तो हृदय पर दबाव कम पड़ता है और दिल स्वस्थ रहता है. वाच के सेवन से नसों में जमा गंदगी को हटाने में मदद मिलती है, जिससे हार्ट ब्लॉकेज जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है. यही कारण है कि आयुर्वेदाचार्य इसे दिल को मजबूत बनाने वाला पौधा मानते हैं.
मानसिक थकान को करे दूर
वाच पौधे का एक बड़ा गुण यह भी है कि यह तनाव और मानसिक थकान को कम करने में सहायक होता है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव दिल की बीमारियों का एक बड़ा कारण बन चुका है. वाच दिमाग को शांत रखने में मदद करता है और चिंता को कम करता है. जब मन शांत रहता है, तो इसका सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ता है. तनाव कम होने से हृदय पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी घट जाता है.
इसके अलावा वाच पौधा पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है. आयुर्वेद में माना जाता है कि खराब पाचन कई बीमारियों की जड़ होता है. वाच गैस, अपच और पेट की अन्य समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. जब पाचन सही रहता है, तो शरीर में पोषक तत्व अच्छी तरह से अवशोषित होते हैं, जिससे हृदय समेत पूरे शरीर को लाभ मिलता है.
कई प्रकार की बीमारियों में आता है काम
डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि वाच का उपयोग सिर्फ दिल और पाचन के लिए ही नहीं, बल्कि सर्दी-खांसी, दमा और आवाज से जुड़ी समस्याओं में भी किया जाता है. कई जगहों पर इसे बच्चों की याददाश्त बढ़ाने और बोलने की क्षमता सुधारने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है. डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा के अनुसार, वाच में मौजूद औषधीय गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक होते हैं.
कैसे करें प्रयोग
डॉ. अभिषेक मिश्रा बताते हैं कि इसके जड़ को सुखाकर पाउडर बनाकर इसका प्रयोग किया जा सकता है और इसके पांचों मूल का भी प्रयोग किया जाता है. इसका प्रयोग 4 रत्ती से 3 ग्राम तक किया जाता है, लेकिन इसका प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी आयुर्वेदाचार्य से एक बार सलाह जरूर लें. डॉ अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि वाच का पौधा लगाना भी काफी आसान है. इसको गमले में या किचन गार्डन में आसानी से लगाया जा सकता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.