Budget 2026: EV बैटरी और मोबाइल फोन होंगे सस्ते, मेक इन इंडिया को मिला बड़ा बूस्ट

केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ तौर पर यह संकेत दिया है कि सरकार का फोकस अब देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने और आम लोगों तक जरूरी चीज़ों को सस्ती कीमत पर पहुंचाने पर है. इस बजट में हेल्थकेयर और क्लीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स को भी राहत देने की कोशिश की गई है.

इसके लिए सबसे अहम रोल निभा रहा है कस्टम ड्यूटी में बदलाव, जिससे कुछ चीज़ें सस्ती होंगी तो कुछ के दाम बढ़ सकते हैं.

लिथियम-आयन बैटरी बनाना होगा सस्ता
बजट में लिथियम-आयन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को लेकर बड़ी राहत दी गई है. सरकार ने बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट का दायरा बढ़ा दिया है. अब इसमें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी शामिल कर लिए गए हैं.

इस फैसले से इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बैटरियां सस्ती हो सकती हैं, जिससे EV की कीमतें भी नीचे आने की उम्मीद है. साथ ही, यह कदम भारत के ग्रीन एनर्जी टारगेट्स को भी मजबूती देगा और देश में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा.

मोबाइल फोन हो सकते हैं और किफायती
फोन यूज़र्स के लिए भी अच्छी खबर है. बजट में स्मार्टफोन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स और मशीनरी पर टैक्स कम करने का ऐलान किया गया है. इसका सीधा फायदा लोकल मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा और ‘मेक इन इंडिया’ को और ताकत मिलेगी.

जब कंपनियों की लागत कम होगी, तो उम्मीद है कि आने वाले समय में मोबाइल फोन की कीमतें भी थोड़ी और काबू में रहेंगी, जिससे ग्राहकों को राहत मिलेगी.

कुछ चीज़ें होंगी महंगी
हालांकि हर फैसले का असर सिर्फ सस्ता होना नहीं है. सरकार ने कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी फिर से लगाने या बढ़ाने का फैसला किया है, जिनका आयात कम है या जिनका उत्पादन देश में पहले से पर्याप्त मात्रा में हो रहा है.

इसका मकसद है कि कंपनियां विदेश से सामान मंगाने के बजाय देश में बने प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दें. इससे घरेलू इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा, भले ही कुछ इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स थोड़े महंगे हो जाएं.

मेक इन इंडिया को बड़ा बूस्ट
बजट 2026-27 में कस्टम ड्यूटी से जुड़े फैसले साफ दिखाते हैं कि सरकार आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पर पूरा जोर दे रही है. EV बैटरियां और मोबाइल फोन जैसे प्रोडक्ट्स सस्ते होने से आम लोगों को फायदा मिलेगा, वहीं घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को भी नई रफ्तार मिलेगी.

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