शहर का कालीचरण चौराहे पर नगर निगम ने ‘कबाड़ से जुगाड़” अभियान के तहत शनिवार को यहां स्वदेशी शक्ति की प्रतीक ब्रह्मोस मिसाइल की प्रतिकृति स्थापित की है। खास बात यह है कि इस मिसाइल को बनाने में शहर से निकले अनुपयोगी लोहे और पुराने टैंकरों का इस्तेमाल किया है। आयुक्त राजकुमार खत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के साथ देशभक्ति से जोड़ना है। टीम ने 8 दिनों में इसे तैयार किया। कलाकारों के मेहनताने के अलावा अतिरिक्त कोई खर्च नहीं आया। अभी तक बच्चे केवल कैंट एरिया में पाकिस्तान का टैंक देखने जाते थे, लेकिन अब शहर के बीचों-बीच उन्हें भारतीय रक्षा तकनीक की झलक देखने मिलेगी। यह मिसाइल बच्चों को भारतीय सेना के बारे में जानने को प्रेरित करेगी। .