CTET 2026: 7 जुलाई की परीक्षा नज़दीक, जानें CTET में कैसे करें अंतिम तैयारी

चंदौली. केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा 7 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड जल्द ही सीटेट जुलाई सेशन की परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी करने वाला है. एक बार एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार सीटेट की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर इसे डाउनलोड कर सकेंगे. सीटेट आवेदकों की तैयारी अभी अंतिम चरण में होगी, लेकिन जो उम्मीदवार किसी भी वजह से पूरी तैयारी नहीं कर पाए हैं, वे भी चिंता न करें. यहां दिए गए लास्ट मिनट प्रिपरेशन टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं.

दरअसल, यह वह समय है, जिसका सीटेट के अभ्यर्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. कई महीनों से दिन-रात मेहनत, पढ़ाई और अभ्यास करने के बाद अब परीक्षा बिल्कुल नजदीक है, ऐसे में जरूरी है कि आखिरी समय की तैयारी सही दिशा में की जाए, ताकि की गई मेहनत का पूरा फल मिल सके. आज हम जानेंगे कि सीटेट की अंतिम समय में कैसे तैयारी करें, किन विषयों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए और किन चीजों को इस समय छोड़ देना चाहिए.

पेडागोजी पर दें खास ध्यान 
मैथ के टीचर धर्मेंद्र सर ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि सीटेट में मुख्य रूप से पेपर-1 और पेपर-2 होते हैं. पहले जहां यह परीक्षा साल में एक बार होती थी, अब यह लगभग साल में 2 बार आयोजित की जा रही है. अगर हम पिछले वर्षों के रिजल्ट पर नजर डालें, तो पास प्रतिशत बहुत अधिक नहीं रहता, लगभग 7–8% के आसपास ही रहता है. इसलिए स्मार्ट तैयारी बेहद जरूरी है. सबसे पहले बात करें उस सब्जेक्ट की, जिससे सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं. पेडागोजी से 90 प्रश्न पूछे जाते है, पेडागोजी में स्कोर करना आसान होता है, लेकिन कॉन्सेप्ट क्लियर होना चाहिए.

उत्तर भरने की करें प्रैक्टिस 
दूसरी सबसे अहम बात यह है कि आपको कम से कम पिछले 10 सालों के पेपर जरूर लगाने चाहिए. खासतौर पर प्रश्न संख्या 1 से 50 तक को रोज प्रैक्टिस में शामिल करें. इससे आपको प्रश्नों की भाषा समझने, समय प्रबंधन और कॉन्फिडेंस तीनों में मदद मिलेगी. साथ ही सिर्फ पढ़ना नहीं, बल्कि उत्तर भरने की प्रैक्टिस भी करें. कई बार छात्रों को आता सब कुछ है, लेकिन परीक्षा हॉल में सही तरीके से टिक नहीं लगा पाते या समय खत्म हो जाता है. बहुत-सी छात्राएं और छात्र परीक्षा के नाम से ही घबरा जाते हैं. याद रखिए, डरने से कुछ नहीं होगा. शांत दिमाग से प्रश्न पढ़ें, पहले आसान सवाल करें और फिर कठिन सवालों पर जाएं.

PYQ पर करें फोकस 
वहीं, धर्मेंद्र सर ने बताया कि यदि 50 में से सारे प्रश्न न भी हों, तब भी घबराएं नहीं, जो आता है वही सही ढंग से करें. आखिर में यही कहेंगे कि इस समय नया टॉपिक शुरू न करें, बल्कि जो पढ़ा है, उसी का रिवीजन, मॉक टेस्ट और PYQ पर फोकस करें. नियमित अभ्यास, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही आपको अच्छे स्कोर तक ले जाएगी. आप मेहनत कर चुके हैं, अब बस उसे सही तरीके से पेश करने का समय है.

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