काम का दबाव या भविष्य की चिंता, कहीं आप डिप्रेशन का शिकार तो नहीं हो रहे? ये उपाय आपको रखेंगे स्वस्थ

चंदौली: आज के समय में तनाव हर व्यक्ति की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा, जो किसी न किसी प्रकार की चिंता या टेंशन से गुजर नहीं रहा हो. किसी को पढ़ाई की टेंशन है, किसी को नौकरी या बिजनेस की चिंता है. किसी को घर-परिवार की जिम्मेदारियां परेशान कर रही हैं, तो किसी को खाने-पीने, सेहत या भविष्य की फिक्र लगी रहती है. छोटे बच्चे हों या युवा वर्ग, गृहिणियां हों या बुजुर्ग आज हर कोई किसी न किसी मानसिक दबाव से जूझ रहा है.

सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई बार लोग चाहकर भी तनाव नहीं लेना चाहते, फिर भी परिस्थितियां उन्हें मजबूर कर देती हैं. धीरे-धीरे यह तनाव हमारे शरीर और दिमाग दोनों पर असर डालने लगता है. नींद खराब हो जाती है, थकावट बनी रहती है, चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है और कई बार यही तनाव गंभीर बीमारियों का कारण भी बन जाता है. इंसान अपना वर्तमान तो खराब करता ही है, साथ ही भविष्य भी अंधकारमय बना लेता है.

रात और दिन कर देती है खराब

इसी विषय को लेकर जब लोकल 18 की टीम ने डॉक्टर रिद्धि पांडेय से बात की, तो उन्होंने बताया कि तनाव क्या है, यह कितना सामान्य है और इससे बिना दवा के कैसे बचा जा सकता है. डॉ. रिद्धि ने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव लगभग सभी के जीवन का हिस्सा बन गया है. यह एक तरह से हमारी डेली रूटीन लाइफ का हिस्सा बन चुका है. थोड़ा बहुत तनाव होना सामान्य है और कई बार यह हमें बेहतर काम करने के लिए प्रेरित भी करता है, लेकिन समस्या तब शुरू होती है, जब यही तनाव हमारी रातों की नींद छीन ले, दिन का चैन खत्म कर दे और हमारी दिनचर्या पूरी तरह से बिगाड़ दे.

समस्याओं का बन सकती है कारण

उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से तो मौजूद होता है, लेकिन मानसिक रूप से कहीं और खोया रहता है. जब हर काम में आलस्य, थकावट और मन न लगने की शिकायत होने लगती है, तब समझ लेना चाहिए कि तनाव अब हद से अधिक बढ़ चुका है. ऐसा तनाव हमें वर्तमान में जीने नहीं देता. आज का काम हम कल पर टालते रहते हैं और धीरे-धीरे कामों का बोझ बढ़ता जाता है. यही स्थिति आगे चलकर डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी गंभीर मानसिक समस्याओं का कारण बन सकती है.

तनाव से बचने के हैं कई तरीके

डॉ. रिद्धि ने बताया कि तनाव से बचने के कई तरीके हैं और जरूरी नहीं कि हर बार दवाइयों का सहारा लिया जाए. सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण उपाय है अपनी टेंशन को शेयर करना, जो भी चिंता या परेशानी मन में चल रही हो, उसे अंदर ही अंदर दबाकर नहीं रखना चाहिए. हमारे परिवार से अधिक भरोसेमंद कोई नहीं होता.

माता-पिता, जीवनसाथी, बच्चे, जिससे भी आपको सहज महसूस हो, उससे अपनी बात खुलकर साझा करनी चाहिए. मन का बोझ हल्का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि अगर भावनाएं बाहर नहीं निकलतीं, तो वे बीमारियों के रूप में शरीर से बाहर आने लगती हैं.

योग करने के लिए ज्ञान की जरूरत नहीं

कई बार लोग कहते हैं कि वे अकेले रहते हैं या घरवालों के पास सुनने का समय नहीं होता. कुछ लोग मजाक में या अनजाने में हमारी बातों को हल्के में ले लेते हैं. ऐसी स्थिति में व्यक्ति और भी अधिक टूट जाता है. डॉ. रिद्धि ने बताया कि अगर आपके पास बात करने के लिए कोई नहीं है, तो आपको अपने लिए दूसरे रास्ते खोजने होंगे. ऐसे में योग और ध्यान बहुत कारगर उपाय साबित होते हैं.

योग सिर्फ शरीर के लिए नहीं, बल्कि मन को शांत करने का सबसे अच्छा साधन है. बहुत से लोग कहते हैं कि उन्हें योग नहीं आता, लेकिन योग शुरू करने के लिए किसी विशेष ज्ञान की जरूरत नहीं होती. शुरुआत में केवल 5 से 10 मिनट शांत बैठना ही काफी है. किसी शांत जगह पर बैठिए, अपनी आंखें बंद कीजिए और बस अपने आप को शांत होने दीजिए.

अपने आप कम होने लगेंगे विचार

ध्यान के दौरान यह बिल्कुल सामान्य है कि बहुत सारे विचार मन में आते-जाते रहते हैं. उन विचारों को रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि जितना आप उन्हें रोकेंगे, उतने ही अधिक विचार आएंगे. बस उन्हें आने-जाने दें और स्वयं को शांत अवस्था में रखें. धीरे-धीरे एक समय ऐसा आएगा, जब विचार अपने आप कम होने लगेंगे और मन एक केंद्र बिंदु पर टिकने लगेगा. यही योग और ध्यान की असली शुरुआत है.

तनाव में ले सकते हैं म्यूजिक थेरेपी

डॉ. रिद्धि ने बताया कि इसके अलावा म्यूजिक थेरेपी भी तनाव कम करने का एक बहुत प्रभावी तरीका है. वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, अच्छा और पसंदीदा संगीत सुनने से हमारे शरीर में डोपामिन और ऑक्सिटोसिन जैसे “हैप्पी हार्मोन” रिलीज होते हैं. इससे मन खुश होता है, तनाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है.

आज के समय में म्यूजिक हर जगह उपलब्ध है, जैसे- मोबाइल, टीवी, रेडियो. आप कहीं भी, कभी भी ऐसा संगीत सुन सकते हैं, जो आपको सुकून देता हो. हमें ऐसे काम करने चाहिए, जिनसे हमें खुशी मिले. यह कोई भी हॉबी हो सकती है. पेंटिंग, गार्डनिंग, कुकिंग, किसी की मदद करना या समाज सेवा करना. दूसरों की मदद करने से भी मन को बहुत शांति मिलती है.

इन उपायों से रह सकते हैं स्वस्थ

फिजिकल एक्टिविटी और खेलकूद भी तनाव को कम करने में बहुत मददगार होते हैं. क्रिकेट, फुटबॉल, वॉकिंग, रनिंग या कोई भी खेल जो आपको पसंद हो, जब हम शरीर को एक्टिव रखते हैं, तो हमारे हार्मोन बैलेंस में रहते हैं और मानसिक तनाव अपने आप कम होने लगता है. वहीं, उन्होंने कहा कि तनाव हर किसी की जिंदगी में आता है, लेकिन हमें यह सीखना होगा कि उसे कैसे संभालें.

टेंशन को अपने ऊपर हावी न होने दें. उसे शेयर करें, खुद को समय दें, योग-ध्यान करें, संगीत सुनें और अपनी पसंद की गतिविधियों में शामिल हों. इन छोटे-छोटे उपायों से हम बिना दवा के भी अपने तनाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं और एक खुशहाल, संतुलित जीवन जी सकते हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *