चिकन पॉक्स या खसरा? बच्चों के शरीर पर दानों से पहचानें बीमारी, जानिए टिप्स

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मौसम बदल रहा है और छोटे बच्चों में अचानक बुखार के साथ शरीर पर दाने उभरने लगे हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी बन सकते हैं. डॉ. सुमन्त कुमार गुप्ता के अनुसार, यह सिर्फ बुखार नहीं बल्कि बच्चों के लिए काफी परेशानियां पैदा करने वाली वायरल बीमारियों का लक्षण हो सकता है. जानिए कैसे पहचानें, किस बीमारी से संबंधित हैं ये दाने और बचाव के आसान उपाय जो हर माता-पिता को जानना चाहिए.

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मऊ. मौसम बदल रहा है और छोटे बच्चों में अचानक बुखार के साथ शरीर पर दाने उभरने की समस्या देखने को मिल रही है. यह दाने कभी-कभी गंभीर रूप ले लेते हैं और बच्चों को काफी परेशान करते हैं. बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन्त कुमार गुप्ता के अनुसार जानना जरूरी है कि यह बीमारी क्यों होती है, इससे कैसे बचा जा सकता है और सही उपचार क्या होना चाहिए.

बदल रहे मौसम में दाने के साथ हो रहे बुखार
लोकल 18 से बातचीत में केसरी राज हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन कुमार गुप्ता ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण छोटे बच्चों में बुखार के साथ शरीर पर दाने उभरने लगे हैं. डॉ. गुप्ता के अनुसार इन दानों के दो प्रमुख कारण हैं चिकन पॉक्स और खसरा. चिकन पॉक्स में दाने चेहरे से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर फैलते हैं और इनमें पानी भरे छोटे बुलबुले होते हैं. वहीं खसरा में दाने पतले और मुख्य रूप से सीने पर होते हैं. सही पहचान से ही उपचार संभव है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.

छोटी सी लापरवाही दिमागी बुखार तक 
बच्चों में बुखार और शरीर पर दाने का यह मौसम-विशेष रोग वायरल बीमारी के कारण होता है. यदि परिवार में कोई संक्रमित हो जाए तो उसे अलग (आइसोलेट) रखें, चेहरे पर मास्क लगाएँ और समय-समय पर हैंड सेनीटाइजर का इस्तेमाल करें. पर्याप्त पानी पिएं क्योंकि अधिक पानी पीने से वायरल फीवर जल्दी कम होता है. बीमारी के शुरुआती लक्षण तेज बुखार और शरीर पर दाने होना हैं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह सांस लेने में परेशानी, निमोनिया या दिमागी बुखार जैसी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है.

9 माह से 15 साल के बच्चों में हो रही बीमारी
बच्चों और बड़े लोगों में वायरल बुखार के साथ शरीर पर दाने आने वाली बीमारियों चिकन पॉक्स और खसरा (मिज़्ज़क) से बचाव के लिए सरकार द्वारा टीकाकरण की व्यवस्था की गई है. खसरा के लिए 9 महीने और 15 महीने की उम्र में टीका लगाया जाता है. चिकन पॉक्स किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है. संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है क्योंकि वे तब तक दूसरों को भी संक्रमित कर सकते हैं जब तक पूरी तरह ठीक न हो जाएं. प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों पर इलाज और दवाई उपलब्ध है.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें

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