इस खेती ने किसानों को बना दिया लखपति, लागत कम मुनाफा 7–8 गुना, जानिए तरीका

Last Updated:

क्या आप भी कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली खेती की तलाश में हैं? तो यह जानकारी आपके लिए बेहद खास है. पारंपरिक फसलों से हटकर एक ऐसी खेती है, जिसमें कुछ ही महीनों में लाखों की कमाई संभव है. किसान सत्य प्रकाश मिश्रा के अनुसार, इस खेती में लागत कम होती है लेकिन मुनाफा कई गुना ज़्यादा मिलता है. आइए जानते हैं कौन-सी फसल है जो 140–150 दिनों में किसानों की तकदीर बदल सकती है.

खेत में दिख रहे चौड़े पत्ते वाले पौधे आपको देखने में पत्ता गोभी या फूल गोभी के पौधे जैसे लग रहे होंगे. लेकिन, आपको यह जानकर बिल्कुल हैरानी होगी कि यह फूलगोभी या पत्ता गोभी के पौधे नहीं बल्कि एक खास प्रकार के औषधीय पौधे हैं. जो किसानों की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव ला देते हैं. इसकी खेती करने वाले किसान बेहद कम लागत में अधिक मुनाफा कमा कर मालामाल हो रहे हैं.

LOCAL 18

क्योंकि इस पौधे के पत्तों और बीजों का इस्तेमाल आयुष चिकित्सा में औषधीय के निर्माण में किया जाता है. यही वजह है कि इसके बीज बाजारों में बेहद महंगे दामों में बिक जाते हैं. इसकी खेती करने वाले रायबरेली जिले के प्रगतिशील किसान सत्य प्रकाश मिश्रा बताते हैं कि उन्हें इस फसल के बारे में जनपद बाराबंकी के रामनगर कस्बे के रहने वाले उनके एक व्यापारी दोस्त मोहम्मद शकील ने जानकारी दी थी. उनसे जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसकी खेती शुरू कर दी, वह पांच बीघे जमीन पर इसकी पिछले 8 वर्षों से खेती कर रहे हैं.

LOCAL 18

सत्य प्रकाश मिश्रा बताते हैं की सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा बना दिया जाता है. उसके बाद काहू के बीजों को लेकर बुआई की जाती है. यह प्रक्रिया अक्टूबर माह में की जाती है. नर्सरी में बीज बुवाई के 30 से 35 दिन बाद नर्सरी तैयार होने पर नवंबर माह के अंतिम सप्ताह से लेकर दिसंबर मध्य तक इसकी रोपाई की जाती है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

LOCAL 18

सत्य प्रकाश मिश्रा के मुताबिक काहू की फसल रोपाई के 140 से 150 दिन में तैयार हो जाती है. उसके बाद इसकी कटाई करके सरसों की तरह मड़ाई की जाती है. तब जाकर यह साफ सुथरा काहू हमें प्राप्त होता है. वह बताते हैं कि एक बीघे में लगभग 80 से 85 किलो ग्राम काहू की फसल तैयार होती है.

LOCAL 18

काहू तैयार होने के बाद रामनगर बाराबंकी जिले के रहने वाले व्यापारी मोहम्मद शकील खेत से ही काहू की फसल को खरीद ले जाते हैं. यह फसल 30 से 40 हजार रुपए प्रति कुंतल की दर से आसानी से बिक्री हो जाती है. आगे की जानकारी देते हुए वह बताते हैं कि वह बताते हैं कि व्यापारी मोहम्मद शकील की यह सलाह हमारे लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है.

LOCAL 18

सत्य प्रकाश मिश्रा बताते हैं कि काहू की खेती में एक बीघे में लगभग फसल तैयार होने तक तीन से 4 हजार रुपए की लागत आती है, तो लागत के सापेक्ष 7 से 8 गुना मुनाफा आसानी से मिल जाता है. यानी की 140 से 150 दिन में 6 से 7 लाख रुपए की कमाई आसानी से हो जाती है. जो अन्य फसलों की तुलना में कहीं अधिक है.

LOCAL 18

परंपरागत फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए वह बताते हैं कि किसान रबी के सीजन में गेहूं की बुवाई ना करके काहू की फसल की खेती करें. तो यह उनके लिए अन्य फसलों की तुलना में बेहद अधिक मुनाफा देने वाली फसल है. इसी के साथ ही वह बताते हैं कि इस फसल पर किसी प्रकार के रोग किट का खतरा भी नहीं रहता है तो वही इस कि कोई भी जानवर नुकसान नहीं पहुंचाता है. जिससे इस फसल को जानवरों से भी बचाने के लिए किसी भी प्रकार के अतिरिक्त खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती ना इसकी रखवाली करनी पड़ती है.

homebusiness

इस खेती ने किसानों को बना दिया लखपति, लागत कम मुनाफा 7–8 गुना, जानिए तरीका

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *