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Copper Water Bottles vs Glass Bottles: प्लास्टिक की बोतल को सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट अक्सर कॉपर या कांच की बोतल में पानी पीने की सलाह देते हैं. दोनों ही बोतल प्लास्टिक से बेहतर विकल्प हैं. कॉपर बोतल में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जबकि ग्लास बोतल भी रासायनिक सुरक्षा प्रदान करती है.
Copper and Glass Water Bottles: आजकल अधिकतर लोग पानी पीने के लिए प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल करते हैं. प्लास्टिक की बोतल सस्ती होती है और उसे यूज करने के बाद फेंक दिया जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो प्लास्टिक की बोतल को सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है. अक्सर लोगों को कॉपर और कांच की बोतलों से पानी पीने की सलाह दी जाती है. कॉपर की बोतलें अपने एंटीमाइक्रोबियल गुणों के लिए जानी जाती हैं, जबकि कांच की बोतलें केमिकल फ्री होती हैं और पानी को शुद्ध रखने के लिए बेहतर मानी जाती हैं. दोनों के अपने फायदे हैं, लेकिन इनसे जुड़े कुछ तथ्य जानना भी जरूरी है.
आयुर्वेद में तांबे के पानी को पाचन में सुधार, इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा के लिए फायदेमंद बताया गया है. तांबा एंजाइम के कामकाज में मदद करता है, कोलेजन बनाने में सहायता करता है और फ्री रेडिकल से बचाव करने वाले एंटीऑक्सीडेंट को सक्रिय करता है. यह भी ध्यान देना जरूरी है कि ज्यादातर अध्ययन तांबे के सप्लीमेंट पर आधारित हैं. जब पानी को लंबे समय तक तांबे की बोतल में रखा जाए, खासकर उसमें नींबू या गर्म पानी डाला जाए, तो तांबा अधिक मात्रा में पानी में घुल सकता है. इससे मतली, पेट में ऐंठन, दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इनका इस्तेमाल सावधानी के साथ करना चाहिए.
ग्लास यानी कांच की बोतल की बात करें, तो ये लंबी अवधि के लिए सुरक्षित होती हैं, क्योंकि ये पानी में किसी भी प्रकार का रासायनिक पदार्थ या धातु नहीं छोड़ती हैं. ये BPA और फ्थेलेट्स मुक्त होती हैं, जो प्लास्टिक बोतलों से पानी में आ सकते हैं. ग्लास बोतलें गर्म और ठंडे पानी, चाय, जूस या किसी भी पेय के लिए उपयुक्त हैं और इन्हें उबालकर या डिशवॉशर में धोया जा सकता है. हालांकि शोध से पता चला है कि कुछ ग्लास बोतलों के ढक्कनों से माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा पानी में आ सकती है. यह मुख्य रूप से प्लास्टिक से बने कैप्स के कारण होता है. कुल मिलाकर कॉपर और ग्लास दोनों ही प्लास्टिक से बेहतर विकल्प हैं. कॉपर बोतलों का उपयोग विशेष रूप से यात्रा, ट्रेकिंग या असुरक्षित पानी के स्रोतों के लिए सीमित करना चाहिए. ग्लास बोतलें रोजमर्रा के उपयोग के लिए ज्यादा सेफ मानी जाती हैं.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
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