Success Story: 13 साल में बनाई AI कंपनी, 12 करोड़ की वैल्यूएशन, Boat सीईओ अमन गुप्ता बोले– ‘क्या खाकर पैदा किया है इसको?’

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13 साल की उम्र में गाजियाबाद के जयवर्धन त्यागी ने AI आधारित मेडटेक स्टार्टअप न्यूरापेक्स एआई बनाकर शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 में सबको चौंका दिया. उनकी दमदार पिच के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 12 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. जयवर्धन की टेक्निकल समझ और कॉन्फिडेंस देखकर अमन गुप्ता भी हैरान रह गए और बोले कि- इसे क्या खाकर पैदा किया है? यह कहानी साबित करती है कि इनोवेशन उम्र का मोहताज नहीं होता.

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जब 13 साल की उम्र में ज़्यादातर बच्चे मोबाइल गेम्स और कार्टून की दुनिया में खोए रहते हैं, उसी उम्र में गाजियाबाद के जयवर्धन त्यागी ने एक ऐसा कमाल करके दिखाया जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से हेल्थकेयर की समस्याएं सुलझाने के लिए जयवर्धन त्यागी ने एक खास प्लेटफॉर्म बनाया है. शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 के मंच पर जब जयवर्धन अपनी कंपनी न्यूरापेक्स एआई के साथ उतरे, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि ये बच्चा कुछ ही मिनटों में एक बड़ी डील क्लोज कर देगा. जयवर्धन ने न सिर्फ शार्क्स को अपनी टेक्नोलॉजी से प्रभावित किया. बल्कि उनकी कंपनी की वैल्यूएशन सीधे 12 करोड़ रुपये पहुंच गई.

इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी डील अपने दम पर क्लोज करना आसान नहीं होता, लेकिन जयवर्धन की सोच, कॉन्फिडेंस और टेक्निकल समझ ने साबित कर दिया कि इनोवेशन उम्र का मोहताज नहीं होता. उनकी पिच के दौरान पूरा पैनल हैरान रह गया और अमन गुप्ता ने तो ये भी बोल दिया-“क्या खाकर पैदा किया है इसको?” क्योंकि इतनी कम उम्र होने के बाद भी जयवर्धन बहुत क्लियर और कॉन्फिडेंट तरीके से अपनी कंपनी के बारे में बता रहे थे. उनका प्लेटफॉर्म न्यूरापेक्स एआई एक एआई एनेबल्ड असिस्टिव मेडटेक प्लेटफॉर्म है. ये न्यूरोलॉजी और डर्मेटोलॉजी पर फोकस करता है.

हेल्थकेयर सेक्टर में कमाल करेगी कंपनी

कंपनी मल्टीमॉडल एआई का इस्तेमाल करके एमआरआई स्कैन, लैब रिपोर्ट्स, मेडिकल इमेजेज, स्किन इमेज और पेशेंट की हिस्ट्री को एनालाइज करती है. फिर ये सब डेटा को क्लियर, स्ट्रक्चर्ड और एक्शनेबल हेल्थ रिपोर्ट्स में बदल देती है. मतलब डॉक्टरों को तेजी से डायग्नोसिस में मदद मिलती है. ये प्लेटफॉर्म कॉम्प्लेक्स मेडिकल डेटा को आसान रिपोर्ट में कन्वर्ट करता है, जिससे हेल्थकेयर में तेज फैसले हो सकें.

अमन गुप्ता ने जयवर्धन को दी फंडिंग

पिच के दौरान कुछ शार्क्स ने कहा कि डॉक्टरों से ज्यादा वैलिडेशन चाहिए. उन्हें लगता था कि एआई मेडिकल डायग्नोसिस में और ज्यादा प्रूफ चाहिए. लेकिन अमन गुप्ता ने जयवर्धन की विजन पर भरोसा किया. उन्होंने कहा कि ये मौका भारत से वर्ल्ड क्लास एआई कंपनी बनाने का है. शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 में बोट के को-फाउंडर अमन गुप्ता से जयवर्धन को 60 लाख रुपये का निवेश मिला. अमन गुप्ता ने 5 प्रतिशत इक्विटी के बदले ये निवेश किया. इससे कंपनी की वैल्यूएशन 12 करोड़ रुपये हो गई.

जयवर्धन ने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा डील अपने दम पर क्लोज किया, जो बहुत कम लोगों के लिए मुमकिन होता है. अमन ने सिर्फ पैसे नहीं दिए, बल्कि मेंटरशिप भी देने का वादा किया. उन्होंने ये भी कहा कि वह जयवर्धन को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे. जयवर्धन की कंपनी एक साल पुरानी है और उन्होंने खुद ही ये बनाई है. उनकी पिच में कोई फेक ज्ञान नहीं था, सिर्फ शार्प थिंकिंग और डीप अंडरस्टैंडिंग दिखी. अमन गुप्ता ने बिना ज्यादा नेगोशिएशन के डील क्लोज कर दी. इससे ये बात तो साफ होती है कि इनोवेशन की कोई उम्र नहीं होती है. जयवर्धन ने साबित कर दिया कि अगर आईडिया अच्छा हो और मेहनत हो तो कोई भी बड़ा काम कर सकता है.

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13 साल की उम्र, 12 करोड़ की वैल्यूएशन! शार्क टैंक में छा गया AI स्टार्टअप

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