डायबिटीज से लेकर खांसी तक, एक ही पौधा देता है कई बीमारियों से राहत, जानिए

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बरगद के पत्ते, छाल, जड़ और दूध में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण इसे एक प्रभावी औषधीय पौधा बनाते हैं. ये तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. बदलते खान-पान और जीवनशैली के कारण आज के समय में डायबिटीज की समस्या तेजी से बढ़ रही है. डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी मानी जाती है, जिसे आमतौर पर दवाइयों और सही खान-पान के जरिए नियंत्रित किया जाता है.

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में कई ऐसे औषधीय पौधे पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं. बरगद का पेड़ इन्हीं में से एक है, जिसे आयुर्वेद के मुताबिक सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. हिंदू धर्म में कई जगह बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना की जाती है, परंतु फिर भी इसे घर पर लगाना शुभ नहीं माना जाता. इसके बावजूद सेहत के लिहाज से बरगद का पेड़ बहुत ही फायदेमंद है. अगर आप डायबिटीज, पेट दर्द, सर्दियों के मौसम में खांसी, त्वचा रोग या मधुमेह जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो बरगद का पेड़ बहुत ही लाभकारी माना जाता है.

बरगद

क्योंकि बरगद के पत्ते, छाल, जड़ और दूध में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं. बदलते खान-पान के कारण आज के समय में डायबिटीज की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है. डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी है, जिसे आमतौर पर दवाइयों और सही खान-पान से कंट्रोल किया जा सकता है. हालांकि बरगद का पेड़ भी इस बीमारी के लिए रामबाण साबित हो सकता है. बरगद की छाल डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है.

पेड

सेहतमंद रहने के लिए इम्यूनिटी सिस्टम का मजबूत होना बेहद जरूरी होता है. सर्दियों के मौसम में अक्सर लोग इम्यूनिटी को लेकर काफी चिंतित रहते हैं. ऐसे में बरगद का पेड़ इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने में सहायक होता है. बरगद की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है और शरीर संक्रमणों से लड़ पाता है, जिससे कमजोरी से छुटकारा मिल जाता है. बदलते मौसम के कारण बुखार की समस्या भी अक्सर देखी जाती है. अगर समय रहते बुखार पर ध्यान नहीं दिया गया तो कई बीमारियां अपना प्रकोप दिखाने लगती हैं. ऐसे में बरगद के पत्तों को गर्म कर काढ़ा बना लें और उसमें शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन कर सकते हैं.

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बरगद

बरगद की छाल का पानी पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है. यह पेट दर्द, गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है. अगर आपको बार-बार पेट से जुड़ी समस्याएं होती हैं, तो यह पानी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. इसके लिए सबसे पहले बरगद के पेड़ की छाल को साफ पानी से धो लें. इसके बाद 1 लीटर पानी में छाल को भिगो दें। एक दिन बाद सुबह खाली पेट इस पानी का सेवन करें. लगातार ऐसा करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है.

सेहत

सर्दियों के मौसम में अक्सर जोड़ों में दर्द होने लगता है, जिससे चलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में अगर आप गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं, तो बरगद की छाल का पानी पीने से दर्द में राहत मिल सकती है. प्रतिदिन नियमित सेवन करने से सूजन कम होती है और जोड़ों में लचीलापन आता है, जिससे धीरे-धीरे जोड़ों का दर्द कम हो जाता है और आराम मिलता है.

सेहत के लिए फायदेमंद

अगर आप दांतों के दर्द की समस्या से अक्सर परेशान रहते हैं और इससे छुटकारा पाना चाहते हैं, तो बरगद के फलों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस समय बरगद के पेड़ों में छोटे-छोटे फल दिखाई देते हैं. बरगद की जड़ या टहनियों से दातुन करने पर मसूड़े स्वस्थ रहते हैं, दांतों का हिलना धीरे-धीरे कम हो जाता है और मुंह की दुर्गंध से भी छुटकारा मिलता है. वहीं, अगर अचानक दांतों में दर्द होने लगे तो बरगद की छाल को पानी में उबालकर ठंडा करें और उससे कुल्ला करने पर भी आराम मिल जाता है.

आयुर्वेदिक स्पॉट

आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बरगद सेहत के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ नुकसानदायक भी हो सकता है. गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से बचना चाहिए. बरगद का दूध यानी लैटेक्स बहुत गाढ़ा और तेज होता है, त्वचा पर इसका उपयोग करने से एलर्जी, खुजली और जलन हो सकती है. ऐसे में इसका प्रतिदिन इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर आप कब्ज जैसी समस्या से परेशान रहते हैं, तो भी रोजाना बरगद की छाल का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

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