छपरा : बिहार में छपरा जिले के कई लोग ऐसे हैं. जो कोरोना के समय दिल्ली पंजाब हरियाणा सहित कई राज्य में रहकर नौकरी करते थे, लेकिन जब अचानक कोरोना महामारी आई तो कई लोगों की नौकरी चली गई. इस भयावा स्थिति को देखते हुए कई फैक्ट्रियां भी बंद होने लगी, लोग शहरों से अपने गांव लौटने लगे. इस दौरान लाखों की संख्या में बिहारी श्रमिक मजदूर अपने प्रदेश लौट आए, लेकिन काफी समय तक लॉकडाउन रहने की वजह से लोग बाहर निकाल कर कोई काम करने भी नहीं कर पा रहे थे.
इस वजह से मजदूरों की कमाई भी नहीं हो पा रही थी. ऐसे में घर में रखें सभी अनाज राशन खत्म हो चुका था. लोग दाने-दाने के लिए परेशान होने लगे थे. इन्हीं मजदूरों में से एक मजदूर छपरा शहर के सलेमपुर निवासी राजीव कुमार सिंह भी थे. वह 85000 रुपये की नौकरी छोड़कर अपने घर लौट आए थे. फिर वह नौकरी पर वापस भी नहीं गए. बता दें कि राजीव कुमार एक बड़ी कंपनी में मैनेजर की पोस्ट पर कार्यरत थे.
जानें क्या करते थे राजीव
राजीव कुमार सिंह प्रोडक्शन प्लानिंग मैनेजर और क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर के रूप में 2019 में दिल्ली की एक फैक्ट्री में कार्यरत थे. उस समय उन्हें 85 हजार रुपये सैलरी मिल रही थी. इसी दौरान कोरोना आ गया. इस वजह से उन्हें भी नौकरी छोड़कर अपने घर वापस लौटना पड़ा. इसके बाद राजीव ने LIC से 7 लाख रुपये का लोन लेकर फर्नीचर का सेटअप लगाया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोगों को रोजगार भी दिया. उनके द्वारा एल्युमीनियम का जंगला, दरवाजा, जाली सहित कई सामान तैयार किया जाता है. वहीं, लकड़ी का जंगला, दरवाजा, चौखट सहित कई सामान तैयार होने लगा.
दिल्ली में मिलती थी 85000 सैलरी
राजीव सिंह ने लोकल 18 से बताया कि 2019 में वह दिल्ली की एक फैक्ट्री में काम कर रहे थे, जिसमें लकड़ी और एल्युमीनियम का जंगला, दरवाजा, चौखट पलंग, चौकी सहित कई सामान तैयार होता था, जिसमे प्रोडक्शन प्लानिंग मैनेजर और क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर के रूप में वह काम कर रहे थे. जहां उन्हें महीने की 85 हजार रुपये सैलरी मिल रही थी, लेकिन कोरोना आने की वजह से फैक्ट्री बंद हो गई. इसके बाद उन्हें भी अपने घर लौटना पड़ा था.
लोन लेकर शुरू किया बिजनेस
राजीव ने बताया कि उन्हें घर पर काफी दिनों तक रहना पड़ा, जिसकी वजह से कमाई नहीं हो रही थी. घर में रखा हुआ सभी राशन खत्म हो गया था. एक वक्त के राशन के लिए सोचना पड़ने लगा था. इसी दौरान उनके दोस्तों ने बोला की LIC से लोन लेकर अपना कारोबार शुरू कर दीजिए. इसके बाद उन्होंने LIC से 7 लाख रुपये का लोन लेकर छपरा फोर लाइन मेंथवालिया चौक के पास किराए का रूम लेकर अपना सेटअप डाल दिया.
इसके बाद उन्हें सवा लाख रुपये की नौकरी का ऑफर मिला, लेकिन उन्होंने ठुकरा दिया. अब वह अपने कारोबार से अच्छा कमाई कर रहे हैं. इसके साथ ही 8 लोगों को रोजगार भी दिए हुए हैं. उन्होंने कहा कि कभी भी समस्या से घबराना नहीं चाहिए. बल्कि उसका सामना करना चाहिए. आज उनके यहां लकड़ी और एल्युमीनियम का सामान तैयार होता है. वह लोगों को अच्छी क्वालिटी का सामान देते हैं. इस वजह से आज जिले के कोने-कोने से उनके यहां खरीदारों की भीड़ लगी रहती है.
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