बाजार खरीदकर लाए हैं नए कपड़े, पहनने से पहले जरूर करें यह काम, वरना बिगड़ जाएगी तबीयत !

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New Clothes Can Harm Your Skin: नए कपड़े खरीदकर लाने के बाद पहले धोने चाहिए और फिर उन्हें पहनना चाहिए. नए कपड़ों में मौजूद केमिकल्स, डाई और बैक्टीरिया स्किन में एलर्जी, खुजली और दाने पैदा कर सकते हैं. यही वजह है कि धोने के बाद कपड़े सुरक्षित, नरम और पहनने में आरामदायक हो जाते हैं. हमेशा कपड़े धोने के बाद ही पहनने चाहिए.

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नए कपड़ों को पहनने से पहले जरूर धोना चाहिए.

Hidden Dangers of Wearing New Clothes: खुशी के हर मौके पर लोग नए कपड़े खरीदना पसंद करते हैं. नए इवेंट, पार्टी और त्योहारों पर नए कपड़े पहनने का ट्रेंड है. नए कपड़े खरीदने के बाद सभी को खुशी होती है और लोग उन कपड़ों को जल्द से जल्द पहनना चाहते हैं. अगर आप बाजार से लाए नए कपड़े बिना धोए पहन लेते हैं, तो यह गलती न करें. ऐसा करना आपकी स्किन और सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है. इससे स्किन और इम्यून सिस्टम से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि नए कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स और अन्य तत्व आपके लिए हानिकारक हो सकते हैं.

टाइम मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक नए कपड़ों को हमेशा धोकर पहनना चाहिए. दरअसल नए कपड़ों में मौजूद डिस्पर्स डाई होती है. डाई कपड़ों को चमकदार रंग देने के लिए की जाती है. जब ये केमिकल्स त्वचा के संपर्क में आते हैं, तब एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस जैसी समस्या पैदा कर सकते हैं. यह समस्या तुरंत नहीं बल्कि कुछ दिनों बाद उभरती है और हफ्तों तक रह सकती है. शरीर पर पसीना और कपड़ों का रगड़ना इन रंगों को लीक कर सकता है, जिससे गर्दन, बगल और पीठ पर खुजली और दाने बन सकते हैं. इससे स्किन पर गंभीर एलर्जी हो सकती है.

एक्सपर्ट्स की मानें तो कपड़े भले ही नए हों, लेकिन प्रोडक्शन, पैकिंग, शॉपिंग और स्टोरिंग के दौरान उन पर बैक्टीरिया और धूल जम जाते हैं. बिना धोए पहनने पर ये बैक्टीरिया त्वचा में संक्रमण या एलर्जी पैदा कर सकते हैं. बच्चों और सेंसिटिव स्किन वाले लोग इससे जल्दी प्रभावित हो सकते हैं. सिंथेटिक और फैशनेबल कपड़ों में सिर्फ रंग नहीं, बल्कि स्टेन-रिपेलेंट, कलर-फास्टनर, सॉफ्टनर और वाटरप्रूफिंग केमिकल्स भी इस्तेमाल किए जाते हैं. इनमें PFAS, क्विनोलाइन, नाइट्रोअनिलाइन और बेंजोथियाजोल जैसी कॉम्प्लेक्स केमिकल्स शामिल हैं. कुछ रिसर्च में इनके कैंसर और अन्य गंभीर खतरों से जोड़ा गया है. हालांकि इंसानों पर इनके असर को लेकर पर्याप्त रिसर्च नहीं हैं. फिर भी ये त्वचा और सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं.

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अब सवाल है कि नए कपड़े धोने से पहनने लायक कैसे बन जाते हैं? एक्सपर्ट्स की मानें तो नए कपड़े पहनने से पहले धोना सबसे सुरक्षित तरीका है. इससे कपड़ों में मौजूद अतिरिक्त रंग, बैक्टीरिया और रसायन निकल जाते हैं. धोने के बाद कपड़े न केवल सुरक्षित, बल्कि नरम, आरामदायक और त्वचा के लिए कम हानिकारक हो जाते हैं. यह कदम स्किन डिजीज, एलर्जी और संभावित स्वास्थ्य खतरों को कम करने में मदद करता है. कई रिसर्च से पता चलता है कि सिंथेटिक कपड़ों में केमिकल्स का स्तर प्राकृतिक कपड़ों की तुलना में ज्यादा होता है. हालांकि कोई लेबल या प्रमाणपत्र नहीं बताता कि कपड़ा पूरी तरह से केमिकल-फ्री है. इसलिए चाहे कॉटन हो या पॉलिएस्टर, नए कपड़ों को धोना हमेशा सुरक्षित विकल्प है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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