दतिया में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायालय ने आरोपी संदीप रावत को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 17 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश मंजूषा तेकाम की अदालत में हुई। पैरवी के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अदालत ने यह माना कि आरोपी ने नाबालिग पीड़िता के साथ गंभीर अपराध किया है। घटना 23 अगस्त 2023 की है। पीड़िता की बहन ने जिला अस्पताल के मेटरनिटी विंग में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि, उसकी नाबालिग बहन को पेट दर्द हुआ और वह घर में गिर पड़ी, जिससे उसके सिर व गले में चोटें आईं। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता गर्भवती है। बाद में उसने अस्पताल में एक मृत बच्ची को जन्म दिया। इस सूचना के बाद थाना बड़ौनी में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पीड़िता ने अपने बयान में संदीप रावत पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। शुरुआत में अन्य नाम भी सामने आए, लेकिन सबूत न मिलने पर उन्हें अलग कर दिया गया। डीएनए रिपोर्ट बनी अहम कड़ी जांच के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। साथ ही आरोपी, पीड़िता और भ्रूण का डीएनए टेस्ट भी कराया गया, जिसमें आरोपी के खिलाफ पुख्ता प्रमाण सामने आए। इसके बाद अदालत में चार्जशीट पेश की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सशक्त तर्क रखे गए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों पर भरोसा जताते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और समाज में ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के उद्देश्य से कठोर सजा सुनाई। यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त संदेश देने वाला माना जा रहा है। .