मेरठ की कामाक्षी ने मात्र 50 हजार में शुरू किया यह काम, बदल गई तकदीर! आज सालाना हो रही 20 लाख की कमाई

Last Updated:

Success Story: मेरठ की डॉ. कामाक्षी जिंदल ने 2015 में मात्र 50 हजार रुपये से बुटीक शुरू किया. मेहनत और नवाचार से उन्होंने पहचान बनाई और अब सालाना करीब 20 लाख रुपये का कारोबार कर रही हैं. कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित डॉ. कामाक्षी महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की प्रेरणा हैं.

मेरठ: प्रत्येक व्यक्ति का सपना होता है कि वह जीवन में बिजनेस के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ते हुए एक विशेष पहचान बना सके. लेकिन इसमें पूंजी को लेकर लोग अक्सर चिंतित दिखाई देते हैं. आखिर इतने पैसों का इंतजाम कहां से करेंगे. लेकिन अगर आप में कुछ करने का जुनून है तो आप मात्र 50000 रुपए में भी अपने बिजनेस की शुरुआत कर नए मुकाम को हासिल कर सकते हैं. जी हां कुछ इसी तरह का उदाहरण पेश किया है मेरठ की रहने वाली डॉ. कामाक्षी जिंदल ने. जिन्होंने वर्ष 2015 में मात्र 50000 रुपए से बुटीक के बिजनेस की शुरुआत की थी. जिसके माध्यम से उन्हें निरंतर सफलता मिली. वह सालाना 20 लाख रुपए की कमाई करती हैं. ऐसे में लोकल18 की टीम द्वारा डा. कामाक्षी जिंदल से खास बातचीत की गई.

इस तरह शुरू किया बिजनेस

डा. कामाक्षी जिंदल ने लोकल-18 से खास बातचीत करते हुए बताया की उन्हें फैशन डिजाइनिंग के प्रति काफी रुझान था. इसलिए  उन्होंने वर्ष 2015 में छोटे से निवेश के माध्यम से अपने बुटीक के बिजनेस की शुरुआत की. जिससे उन्हें काफी अच्छा मुनाफा हुआ. उनके द्वारा तैयार की गई ड्रेस को फिल्म अभिनेत्री चित्रांगदा द्वारा भी पहना गया था. वह बताते हैं कि अपने बिजनेस को नहीं उड़ान देने के लिए इसके बाद उन्होंने विभिन्न इवेंट स्टॉल लगाने शुरू कर दिया जिससे उनके बिजनेस को नई पहचान मिली.

कोरोना काल में आई चुनौती 

उन्होंने बताया कि कोरोना काल में उन्हें काफी नुकसान भी हुआ. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और परिवार की मदद से अपने बिजनेस को निरंतर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ही काम  किया. उन्होंने बताया कि क्योंकि बिजनेस में हमेशा कुछ सीखने को मिलता है. उन्होंने बताया कि पहले वह जिन इवेंट में खुद स्टाल लगाती थी, उनमें पार्टनरशिप के माध्यम से भी इवेंट करने लगी. जिसे उन्हें काफी अच्छा रिस्पांस मिला. इसी कड़ी में वर्ष 2024 से उन्होंने अब खुद ही अपने अबिनंदन फर्म के माध्यम से खुद ही इवेंट ऑर्गेनाइज करने शुरू कर दिए हैं. उन्होंने बताया कि इन्हीं बिजनेस के माध्यम से अब वह सालाना 20 लाख रुपए से तक का टर्नओवर कर लेती हैं.

आत्मनिर्भर बने महिलाएं 

डा. कामाक्षी जिंदल का मानना है महिलाओं को आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने बताया कि उनके पर्सनल जीवन की बात करें तो उन्हें भी काम करने की आवश्यकता नहीं है. क्योंकि उनके पति एक अच्छे उद्यमी हैं. लेकिन महिलाएं किस तरह से क्षेत्र में खुद को साबित कर सकती हैं. इसी उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2015 में अपने बिजनेस की शुरुआत की. उन्होंने बताया कि इससे पहले वह वर्ष 2007 में अर्थशास्त्र में पीएचडी भी कंप्लीट कर चुकी थी. इसके बाद उन्हें प्रतिष्ठित कॉलेज से प्रोफेसर के क्षेत्र में भी आने के लिए अवसर मिला. लेकिन उन्होंने उस समय अपने परिवार, बच्चों की देखभाल के लिए ऑफ़र को एक्सेप्ट नहीं किया. जब बच्चे बड़े हो गए तब उन्होंने अपने बिजनेस की तरफ ही कदम रखा.

मिल चुके हैं विभिन्न अवार्ड

बताते चले कि उन्हे बिजनेस के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए अब तक कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. जिसमें प्रमुख अवार्ड की बात की जाए तो
रेड ब्लेज़र अवार्ड (2021) अफ़्रीकन समुदाय द्वारा दिया जा चुका है. साथ ही 51 सबसे प्रभावशाली महिलाओं में भी उनका नाम शामिल हैं. इसी तरह से अल्टास्प्रिंग अपैरल डिज़ाइनिंग अवार्ड, ब्राज़ील (2018), गुरुश्रेष्ठ अवार्ड (2019, शी इंस्पायरस मी अवार्ड (2020,- डॉ. सरोजिनी नायडू अवार्ड (2021), नारी शक्ति अवार्ड (2019),-नेशनल सुपर वुमन अवार्ड (2017, वर्ल्ड बुक ऑफ ग्रेटनेस 2021 में स्थान भी मिल चुका है.

About the Author

Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

homebusiness

मेरठ की कामाक्षी ने मात्र 50 हजार में शुरू किया यह काम, बदल गई तकदीर!

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *