भोपाल में महिला ने निकाह के नाम पर किया धोखा: चार बार विवाह, एक भी तलाक नहीं; कोर्ट ने जुर्माना सहित सुनाई 2 साल की सजा – Bhopal News


राजधानी भोपाल की जिला अदालत ने पूर्व शादियों की जानकारी छिपाकर विवाह करने के एक गंभीर मामले में अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी महिला हसीना को दोषी मानते हुए दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मेघा अग्रवाल की अदालत द्वारा दिया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 82(2) के अंतर्गत सिद्ध पाया गया, जबकि धारा 82(1) में संदेह का लाभ दिया गया। इस प्रकरण के फरियादी तबरेज उल्लाह स्वयं पेशे से अधिवक्ता हैं और जिला न्यायालय भोपाल में प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने अदालत के समक्ष पूरा घटनाक्रम बयान किया, जिसके आधार पर ट्रायल आगे बढ़ा और सजा तक मामला पहुंचा। 27 मई 2022 को हुआ निकाह, सिर्फ एक पति की दी जानकारी
फरियादी तबरेज उल्लाह ने बताया कि उन्होंने 27 मई 2022 को हसीना से निकाह किया था। विवाह से पहले महिला ने यह जानकारी दी थी कि उसका केवल एक पूर्व पति सलमान है और उससे उसका तलाक हो चुका है। इसी जानकारी के आधार पर फरियादी ने विवाह के लिए सहमति दी। उस समय महिला ने अपने वैवाहिक जीवन से जुड़ा कोई अन्य तथ्य सामने नहीं रखा। शादी के एक से डेढ़ महीने बाद बदला व्यवहार
फरियादी के अनुसार, शादी के एक से डेढ़ महीने बाद ही महिला का व्यवहार पूरी तरह बदलने लगा। घर में आए दिन विवाद, झगड़े और असामान्य गतिविधियां सामने आने लगीं। इसी दौरान महिला ने अपनी बेटियों को भी अपने साथ घर में बुला लिया। इसके बाद मां और बेटियों द्वारा मिलकर फरियादी और उनके भाई के साथ लगातार विवाद, तनाव और मानसिक दबाव की स्थिति बनती चली गई। भाई पर बढ़ता मानसिक दबाव, फिर आत्महत्या
तबरेज उल्लाह ने अदालत को बताया कि महिला और उसकी बेटियों द्वारा किए जा रहे निरंतर विवाद और प्रताड़ना का सबसे अधिक असर उनके भाई पर पड़ा। लगातार तनाव, झगड़े और पारिवारिक अशांति के कारण भाई मानसिक रूप से टूटता चला गया। अंततः वह इस दबाव को सहन नहीं कर सका और उसने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे मामले की गंभीरता और महिला की पृष्ठभूमि को लेकर संदेह और गहराया। पूछताछ में सामने आया कई शादियों का सच
भाई की मृत्यु के बाद जब फरियादी ने महिला की पृष्ठभूमि को लेकर गहराई से पूछताछ और जांच की, तब यह तथ्य सामने आया कि महिला ने उनसे पहले केवल एक नहीं बल्कि कई लोगों से विवाह किया था। जांच में जिन नामों का खुलासा हुआ, उनमें शमशेर, मतलूब हसन, सलमान और साबिर शामिल हैं। फरियादी के अनुसार, इन शादियों के संबंध में महिला ने उनसे कभी पूरी सच्चाई साझा नहीं की थी। पूर्व पतियों से तलाक के प्रमाण नहीं
ट्रायल के दौरान यह भी सामने आया कि महिला ने अपने किसी भी पूर्व पति से वैधानिक तलाक के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। इसके बावजूद उसने नया विवाह किया और अपने पिछले वैवाहिक संबंधों की जानकारी छिपाई। यही तथ्य इस मामले का मुख्य आधार बना। धारा 494 और 495 में परिवाद, कोर्ट ने लिया संज्ञान इन परिस्थितियों के बाद फरियादी तबरेज उल्लाह ने जिला न्यायालय भोपाल में धारा 494 और 495 के तहत परिवाद प्रस्तुत किया। अदालत ने परिवाद का संज्ञान लिया, प्रकरण पंजीबद्ध किया गया और नियमित ट्रायल प्रारंभ हुआ। उज्जैन और भोपाल से जुटाए दस्तावेज ट्रायल के दौरान फरियादी ने महिला के पूर्व वैवाहिक मामलों से जुड़े कई दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए। इनमें— कोर्ट को भ्रमित करने की कोशिश
कोर्ट की कार्यवाही के दौरान जब महिला से यह प्रश्न किया गया कि मतलूब, सलमान और साबिर क्या उसके पति हैं, तो उसने यह कहकर अदालत को भ्रमित करने का प्रयास किया कि ये तीनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं। हालांकि वह इस दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकी। चार निकाह से जुड़े दस्तावेज और शपथ पत्र पेश
फरियादी ने अदालत में चार अलग-अलग निकाह से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके साथ ही एक शपथ पत्र भी पेश किया गया, जिसे न्यायालय ने साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया। इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि महिला ने अपने पूर्व वैवाहिक संबंधों की जानकारी छिपाकर नया विवाह किया। 19 जनवरी 2026 को सुनाया गया फैसला
सभी साक्ष्यों, प्रमाणित प्रतिलिपियों और गवाहों के अवलोकन के बाद 19 जनवरी 2026 को न्यायालय ने निर्णय सुनाया। अदालत ने माना कि महिला ने पूर्व पतियों से तलाक लिए बिना विवाह किया और अपने वैवाहिक इतिहास को जानबूझकर छिपाया। इस आधार पर उसे धारा 82(2) के तहत दोषी ठहराया गया। दो साल का कठोर कारावास, फिलहाल जमानत
अदालत ने महिला को दो साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि सजा के बाद उसे निचली अदालत से जमानत दे दी गई है और अपील दायर करने के लिए समय प्रदान किया गया है। .

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