कभी देखी है बर्फ की सुनामी? 146 साल बाद आई ऐसी आफत, 300 फीट तक पट गई ठंडी मौत

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Russia Worst Snowfall in 146 Years: रूस में इस वक्त जिस तरह का मौसम बना हुआ है, उसकी तस्वीरें देखकर ही आप दंग रह जाएंगे. कहां कोहरा और शीतलहर बढ़ने के बाद हम घर से निकलने में कतराने लगते हैं और कहां स्थिति ये है कि बर्फ के पूरे-पूरे पहाड़ खड़े हो गए हैं और लोग घर के दरवाजे से नहीं बर्फ पर स्लाइड करके निकल रहे हैं.

जनवरी, 2026 में रूस ने पिछले 146 वर्षों का सबसे खतरनाक नजारा देखा है. यहां बर्फबारी नहीं बर्फ की सुनामी आई है. रूस में हुई रिकॉर्डतोड़ बर्फबारी ने देश के कई हिस्सों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. पूर्वी रूस के कमचटका प्रायद्वीप से लेकर कई अन्य क्षेत्रों तक, हालात इतने खराब हो गए हैं कि पूरे-पूरे कस्बे और ऊंची रिहायशी इमारतें मोटी बर्फ की परतों में दब गई हैं.

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सोशल मीडिया पर इसकी जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उसे देखने वाले हैरान हैं. पूरा-पूरा शहर मानो बर्फ में दफन हो गया है. इमारतों के टॉप फ्लोर तक बर्फ जमी हुई है और लोगों की कारें और सड़कें बर्फबारी में गायब हो गई हैं. जब तक एक परत हटाई जाती है, तब तक दूसरी चढ़ जाती है.

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कमचटका इलाका पहले से ही अपने कठोर मौसम के लिए जाना जाता है, इस बार ये सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है. यहां कई जगहों पर कई मीटर तक बर्फ जम गई, जिससे सड़कें पूरी तरह बंद हो गईं. भारी बर्फबारी के कारण हाईवे, स्थानीय मार्ग और पहाड़ी रास्ते गायब हो गए हैं.

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कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं रोकनी पड़ी हैं, जबकि स्कूल, सरकारी दफ्तर और व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गई हैं. रूसी अधिकारियों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक बर्फबारी के चलते अब तक कम से कम दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.

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बर्फ के नीचे दबने, ठंड से जुड़ी बीमारियों और इमारतों के ढहने का खतरा लगातार बना हुआ है. हालात को देखते हुए प्रशासन ने सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में स्थानीय आपातकाल घोषित कर दिया है. कमचटका और आसपास के क्षेत्रों में आपातकालीन बचाव दल लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं.

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सेना, फायर ब्रिगेड और राहत एजेंसियों को बर्फ हटाने, फंसे हुए लोगों तक पहुंचने और जरूरी सेवाएं बहाल करने में लगाया गया है. कई इलाकों में लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुंचाई जा रही है. (reuters)

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ऊंची इमारतों और सार्वजनिक ढांचों पर भारी बर्फ जमा होने से संरचनात्मक नुकसान की आशंका बढ़ गई है. प्रशासन इमारतों की मजबूती की जांच कर रहा है, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके. बिजली आपूर्ति भी कई जगहों पर बाधित हुई है, क्योंकि बर्फ के वजन से तार और खंभे टूट गए हैं. (Reuters)

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रूस की मौसम एजेंसियों का कहना है कि यह बर्फबारी असामान्य वायुमंडलीय परिस्थितियों का नतीजा है. ठंडी हवाओं, नमी और दबाव प्रणाली के असंतुलन ने मिलकर इस तरह मौसम की स्थिति पैदा की. मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बदलते जलवायु पैटर्न के कारण भविष्य में ऐसे अत्यधिक मौसमीय घटनाएं और ज्यादा देखने को मिल सकती हैं. (Reuters)

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विशेषज्ञों का मानना है कि कमचटका जैसे सुदूर और भूकंप वाले क्षेत्रों में इस तरह की भारी बर्फबारी न सिर्फ रोजमर्रा की जिंदगी के लिए खतरा है, बल्कि आपदा प्रबंधन के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. फिलहाल प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में राहत एजेंसियों से संपर्क करें. (Reuters)

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