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जबलपुर हिट एंड रन मामले में महिला मजदूरों की मौत का आंकड़ा पांच पहुंच गया है. हादसे के बाद परिजनों और आदिवासी समाज ने जबलपुर-मंडला मार्ग पर चक्का जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए. प्रशासन और NHAI के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन सहमति नहीं बन सकी है.
जबलपुर. हाईवे पर हुए दर्दनाक हिट एंड रन मामले ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. इस सड़क हादसे में मृतक महिला मजदूरों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है. हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और आदिवासी समाज के लोगों ने जबलपुर-मंडला मार्ग पर चक्का जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाए और 25 लाख रुपए का मुआवजा भी दिया जाए. सड़क जाम की वजह से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं. हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और NHAI के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन बातचीत के बावजूद अब तक सहमति नहीं बन सकी है.
यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा, प्रशासनिक लापरवाही और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की नाकामी का उदाहरण बन गया है. जिन महिलाओं की जान गई, वे सभी रोज की मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाली थीं. दोपहर के भोजन के लिए सड़क किनारे बैठना उनकी मजबूरी थी. लेकिन एक तेज रफ्तार कार ने उनकी जिंदगी छीन ली. हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया. अब परिजनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है. वे सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
जबलपुर-बरेला हाईवे पर यह हादसा रविवार दोपहर करीब 2 बजे हुआ. बरेला थाना क्षेत्र के एकता चौक के पास मजदूर जबलपुर-मंडला रोड स्थित सिग्मा सिटी के सामने हाईवे की लोहे की ग्रिल पर पेंटिंग का काम कर रहे थे. काम के दौरान महिलाएं सड़क किनारे बैठकर खाना खा रही थीं. इसी दौरान बरेला से जबलपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार ने नियंत्रण खो दिया और मजदूरों को कुचलते हुए निकल गई. पुलिस के अनुसार कार चालक की पहचान मझौली निवासी लखन सोनी के रूप में हुई है. कार दीपक सोनी के नाम पर पंजीकृत है. पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी है.
खाना खा रही महिला मजदूरों को रौंदा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार बेहद तेज थी. चालक ने न तो ब्रेक लगाया और न ही दिशा बदलने की कोशिश की. मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. घायल महिलाएं सड़क पर तड़पती रहीं.
अब तक 5 महिलाओं की मौत
हादसे में पहले दो महिला मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी. इसके बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान तीन और महिलाओं ने दम तोड़ दिया. डॉक्टरों ने पांच मौतों की पुष्टि की है. दो घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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