कौन हैं IAS संतोष वर्मा का समर्थन करने वाले पूर्व विधायक आरडी प्रजापति? कथावाचकों को भी किए भद्दे कमेंट

भोपाल.  विवादित IAS अधिकारी संतोष वर्मा के समर्थन में रविवार को राजधानी भोपाल में ‘संविधान बचाओ-आरक्षण बचाओ जनाक्रोश महाआंदोलन’ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम उस वक्त विवादों में घिर गया, जब सार्वजनिक मंच से छतरपुर के चंदला क्षेत्र के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कथावाचकों और महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्‍पणी कर दी.  उनके शब्दों को आपत्तिजनक और अमर्यादित बताया जा रहा है, जिसके बाद आयोजन की मंशा और मंच की मर्यादा पर सवाल खड़े हो गए हैं. इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है. बयान के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सार्वजनिक जीवन में भाषा, मर्यादा और जिम्मेदारी को लेकर बहस छिड़ गई है. इस अपमानजनक बयानबाजी का वीडियो News18 के पास मौजूद है, लेकिन सामाजिक मर्यादा और पत्रकारिता के उच्‍च नैतिक मूल्यों के तहत इसे पाठकों को दिखाया नहीं जा रहा है.

आरडी प्रजापति के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि कुछ लोग सस्‍ती लोकप्रियता के लिए ऐसा कर रहे हैं, यह बेहद दुर्भाग्‍यपूर्ण है. देश की आजादी के समय की राजनीति और आज कुछ लोगों की ओछी राजनीति में बड़ा अंतर है. इस पर रोक लगनी चाहिए. ऐसे अभद्र बयान देने वालों को जनता सबक सिखाएगी. मैं ऐसी बयानबाजी की घोर निंदा करता हूं. वहीं भाजपा प्रवक्‍ता अजय यादव ने कहा कि कथावाचकों और माता-बहनों के लिए ऐसी टिप्‍पणी कतई बर्दाश्‍त नहीं की जा सकती. हम ऐसे बयानों की निंदा करते हैं.

कौन है आरडी प्रजापति ? गलत बयान से बढ़ा दी हलचल
आरडी प्रजापति छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा से भाजपा विधायक रह चुके हैं. उनके बेटे राजेश प्रजापति भी 2018 से 2023 तक भाजपा के विधायक रहे. वर्ष 2024 में आरडी प्रजापति ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर टीकमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था. इसमें वे हार गए थे. फिलहाल आरडी प्रजापति संपूर्ण बुंदेलखंड जन जागरण मंच नाम के संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.

IAS संतोष वर्मा के समर्थन में आयोजित था महाआंदोलन
भोपाल के भेल दशहरा मैदान में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा की ओर से महासम्मेलन आयोजित किया गया. सम्मेलन में प्रदेशभर से SC, ST और OBC संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. मंच से वक्ताओं ने आरक्षण, संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. इस दौरान IAS संतोष वर्मा के खिलाफ चल रही कार्रवाई को वापस लेने की मांग भी प्रमुख रूप से उठी.

कथित बयान जिसने बढ़ाया विवाद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कथावाचकों और संतों को लेकर विवादित भाषा का प्रयोग किया. उन्होंने महिलाओं को लेकर भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. बयान में कथावाचकों को जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाने जैसी बात कहे जाने का आरोप है. यही हिस्सा अब विवाद की जड़ बन गया है. वहीं आरोप है कि पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कहा कि अब बहन-बेटियां तो प्लॉट हो गई हैं. कोई भी सौ बार रजिस्ट्री कराओ, हजार बार रजिस्ट्री कराओ.

संतों और महिलाओं पर टिप्पणी से सियासी हलचल
आरडी प्रजापति के बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है. विपक्ष इसे महिलाओं और धार्मिक भावनाओं का अपमान बता सकता है. वहीं, आयोजन से जुड़े संगठन इसे व्यक्तिगत बयान बताकर दूरी बनाने की कोशिश कर सकते हैं. अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और राजनीतिक दल इस बयान पर क्या रुख अपनाते हैं.

आंदोलन में उठाई गई प्रमुख मांगें

  • IAS संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई वापस लेने की मांग
  • OBC को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की मांग
  • SC, ST, OBC के रिक्त पद जल्द भरने की मांग
  • निजी और आउटसोर्स सेक्टर में आरक्षण लागू करने की मांग
  • पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग

मांगों की सूची नंबरिंग में

  • OBC को पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए
  • सिविल जज की नियुक्ति MPPSC से हो
  • सफाई कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त किया जाए
  • छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति मिले
  • हाईकोर्ट में SC, ST, OBC को प्रतिनिधित्व मिले

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *