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ome Gardening Tips: जनवरी माह में तापमान कम होने और धूप की कमी के कारण पौधों की ग्रोथ धीमी पड़ जाती है. जिससे गार्डन के हरे-भरे पौधे सूखने लगते हैं. कई बार पौधों पर फूल भी आना कम हो जाता है. हालांकि, कुछ आसान और सही गार्डनिंग टिप्स अपनाकर आप अपने पौधों को ठंड में भी हरा-भरा रख सकते हैं.
आजकल होम गार्डनिंग का शौक बढ़ रहा है. लोग अपने घर की बालकनी या छत पर तरह-तरह के फूल, फल और सब्जियों के पौधे लगाते हैं. लेकिन, सर्दियों में पौधों की ग्रोथ काफी धीमी हो जाती है. ठंडी हवाओं के कारण पौधे सूखने भी लगते हैं. वहीं, धूप की कमी के कारण पौधों की ग्रोथ भी सही से नहीं हो पाती है.

ऐसे में आप कुछ खास टिप्स को फॉलो कर अपने होम गार्डन को सर्दियों में भी हरा-भरा बनाए रख सकते हैं. आप कुछ खास बातों का ध्यान रखकर पौधों को सूखने से भी बचा सकते हैं. इस रिपोर्ट में हम आपको तीन आसान टिप्स बताने वाले हैं, जिन्हें आप फॉलो कर सकते हैं. इससे सर्दियों में भी पौधे हरे-भरे बने रहेंगे.

छतरपुर नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ उद्यानिकी एक्सपर्ट डॉ. कमलेश अहिरवार लोकल 18 से बताया कि सर्दियों में धूप कम निकलती है, इसलिए पौधों को पर्याप्त सनलाइट दिलाना बेहद जरूरी हो जाता है.
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अगर आपने पौधे गमलों में लगाए हैं, तो उन्हें रोजाना 4-6 घंटे धूप वाली जगह पर रखें. खासकर गेंदा, डहलिया, पैंसी, पेटुनिया जैसे विंटर फ्लावरिंग प्लांट्स को धूप की अधिक जरूरत होती है. हर रोज धूप मिलने से इन पौधों में अधिक और सुंदर फूल खिलते हैं.

सर्दी के मौसम में पौधों में पानी का ध्यान रखना काफी जरूरी होता है. दरअसल, इस मौसम में पानी धीरे-धीरे सूखता है. पौधों में अधिक पानी डालने पर जड़ों के सड़ने का खतरा रहता है. हालांकि, मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए समय-समय पर पानी देते रहें.

इसके अलावा मिट्टी को समय-समय पर ढीला करते रहें. आप इसमें खाद या वर्मी कम्पोस्ट भी डाल सकते हैं. इससे मिट्टी में पोषण बना रहता है.

सर्दियों में कई बार पत्ते सूखने लगते हैं. ऐसे में इन पत्तों की समय-समय पर कटिंग करते रहें. इससे पौधों को नई ग्रोथ मिलती है और फूल जल्दी लगते हैं. सर्दियों में पौधों पर कई बार कीड़े और फंगस लग जाते हैं. ऐसे में आप पौधों पर समय-समय पर नीम तेल का स्प्रे भी कर सकते हैं.

साथ ही गार्डन में रात्रि के समय धुआं बनाकर भी रखना चाहिए. धुआं करने से माइक्रो क्लाइमेट यानी कि सूक्ष्म जलवायु बनता है जो धुआं करने से नियंत्रित रहता है. इससे आसपास का वातावरण गर्म रहता है, जिससे तापमान नियंत्रित रहता है.
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