रायसेन में उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते एक बार फिर ठंड का जोर बढ़ गया है। रात के तापमान में गिरावट के साथ न्यूनतम पारा 6.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड (ठिठुरन) महसूस हो रही है। वहीं, शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद मध्य प्रदेश सहित रायसेन जिले में सर्दी का असर बढ़ा है। अगले दो से तीन दिनों तक तेज ठंड पड़ने की संभावना जताई गई है। 19 जनवरी से एक्टिव होगा नया सिस्टम मौसम विभाग ने बताया कि 19 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा। इस नए सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में बादल छाने और बारिश होने जैसी स्थिति बन सकती है। जेट स्ट्रीम हवाओं का दिख रहा असर मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। आसमान में नदी की तरह बहने वाली इन हवाओं का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी देखने को मिल रहा है। 20-21 के बाद हो सकती है बारिश इससे पहले 16 जनवरी को सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ चुका है। अब 19 जनवरी से आने वाला नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। यदि यह सिस्टम मजबूत रहा, तो 20-21 जनवरी के बाद प्रदेश में बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। .