Human Body Facts: पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के पैरों से स्मैल कम क्यों आती है? समझें बॉडी साइंस का ये रहस्य

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What Makes Feet Smell Bad: पैरों से बदबू आने की समस्या बहुत ही कॉमन है. लेकिन क्या आपने इस बात पर कभी ध्यान दिया है, कि पुरुषों के पैरे ज्यादा बदबू करते हैं? महिलाएं सिर्फ कंप्लेन करती हैं. ये सिर्फ साफ-सफाई के बारे में नहीं है, चलिए आज समझते हैं बॉडी का ये सीक्रेट फीचर.

पैर की बदबू आदमियों के लाइफ की एक ऐसी समस्या है, जिसे वो पूरी तरह से एक्सेप्ट कर चुका है. इसलिए जब जूता खोलते ही दोस्त या परिवार वाले मुंह नाक सिकोड़ने लगते हैं, तो वो मंद मुस्कान देकर जीवन में आगे बढ़ जाता है. ज्यादा हुआ तो ये उल्टा ये सवाल कर देता है कि पता नहीं यार बदबू कैसे आ रही है…?

तो चलिए आज इसी सवाल का जवाब जानते हैं. इसके साथ ये भी बताते हैं कि आखिर आदमियों के पैरों से ही बदबू ज्यादा क्यों आती हैं? अगर आपने आज तक किसी महिला को पैर की बदबू से शर्मसार होते नहीं देखा तो इसके पीछे क्या वजह है?

पैरों से बदबू क्यों आती है?
पैरों से ज्यादा बदबू आने का कारण है, इस हिस्से में पसीने का ज्यादा आना. हालांकि ये उस तरह से नजर में नहीं आता है, जैसे आपके कांख के नीचे कपड़े पर पसीना अपनी पहचान छोड़ जाता है. लेकिन मानो या न मानो तलवे आपके शरीर के बाकी हिस्सों से ज्यादा पसीना निकाल रहे हैं.

तलवों से ज्यादा पसीना क्यों आता है?
हो सकता है कि ये सावल आज ही इसे पढ़ने के बाद आपने मन में उठा हो. लोग सिर्फ पैर से आने वाली बदबू से छुटकारा पाने के उपायों को करने में ही उलझे रहते हैं. शरीर से पसीना निकलना बॉडी की इंजीनियरिंग का जबरदस्त उदाहरण है.

इंटरनेशनल हाइपरहाईड्रोसिस सोसायटी के अनुसार, इंसान के शरीर में दो से चार लाख स्वैट ग्लैंड्स होती हैं, जो पूरी बॉडी में फैली होती हैं.ये ग्लैंड्स की मदद से ही पसीना शरीर से बाहर निकलता है. इनमें से अधिकांश “एक्राइन” स्वैट ग्लैंड्स हैं, जो पैरों के तलवों, हथेलियों, माथे, गालों और बगलों में बड़ी संख्या में पाई जाती हैं. ऐसे में जब पसीना बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तो अजीब से गंध पैदा होती है.इसलिए ज्यादा देर तक मौजे या टाइट जूते पहनने से बचने की सलाह दी जाती है.

फिर महिलाओं के पैर से बदबू इतनी बदबू क्यों नहीं आती है?
जब स्वैट ग्लैंड्स ही पैर की बदबू का कारण है, तो फिर महिलाओं में भी ये समस्या बराबर लेवल पर होनी चाहिए, आप भी यही सोच रहे होंगे. लेकिन यहां एक ट्विस्ट है. महिलाओं के पैर में मौजूद ज्यादातर स्वैट ग्लैंड्स बंद होते हैं, जिसके कारण ज्यादा पसीना नहीं निकला है और बदबू की समस्या भी ज्यादा नहीं होती है. इसका अलावा महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अपनी शरीर पर भी ज्यादा ध्यान देती ही है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

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Human Body Facts: पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के पैरों से स्मैल कम क्यों आती है

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