सोशल मीडिया के माध्यम से यह कपल डॉक्टर करते हैं लोगों को जागरूक, मरीज को ठीक करना होता है लक्ष्य

खंडवाः मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक ऐसी डॉक्टर दंपति की कहानी सामने आई है, जो न सिर्फ अपने पेशे में उत्कृष्ट काम कर रही है, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं. डॉ. प्रीति गुर्जर और उनके पति डॉ. शिवशंकर गुर्जर, जिन्हें आज शहर का ‘पावर कपल’ कहा जा रहा है. दोनों पति-पत्नी मिलकर खंडवा में गुर्जर हॉस्पिटल का संचालन कर रहे हैं और बीते कई वर्षों से हजारों मरीजों की सेवा कर चुके हैं.

किसान परिवार से आता है कपल

डॉ. शिवशंकर गुर्जर शिशु रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) हैं, जबकि डॉ. प्रीति गुर्जर खंडवा की गायनोलॉजिस्ट हैं. दोनों ही डॉक्टर किसान परिवार से आते हैं. डॉ. शिवशंकर गुर्जर हरदा जिले के कालाकुंड गांव से ताल्लुक रखते हैं, वहीं डॉ. प्रीति गुर्जर हरसूद क्षेत्र की निशानियां गांव की रहने वाली हैं. साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने कड़ी मेहनत, लगन और संघर्ष के बल पर यह मुकाम हासिल किया है. दोनों की अरेंज मैरिज 26 जनवरी को संपन्न हुई थी. इसके कुछ समय बाद, 13 जनवरी 2013 को दोनों ने मिलकर गुर्जर हॉस्पिटल की नींव रखी. आज डॉ. प्रीति गुर्जर को मेडिकल फील्ड में काम करते हुए करीब 19 साल हो चुके हैं, जबकि डॉ. शिवशंकर गुर्जर को 20 साल का अनुभव है. यह दंपति पिछले कई वर्षों से खंडवा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहा है.

सोशल मीडिया से करते हैं जागरूक

Local 18 से बातचीत में डॉ. प्रीति गुर्जर बताती हैं कि वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से करती हैं. उन्होंने सबसे पहले सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूकता वीडियो बनाना शुरू किया. आज सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV वैक्सीन उपलब्ध है, जिसे 10 से 45 वर्ष की उम्र की महिलाओं और बच्चियों को जरूर लगवाना चाहिए. 10 से 15 वर्ष की उम्र में दो डोज और 15 से 45 वर्ष की उम्र में तीन डोज की आवश्यकता होती है. उनका कहना है कि करीब 99 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर HPV वायरस की वजह से होता है, और यह वैक्सीन इससे बचाव में बेहद कारगर है.

इसके अलावा वह PCOD, एनीमिया, प्रेग्नेंसी प्लानिंग, डिलीवरी से पहले जरूरी जांच और महिलाओं की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं पर भी सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देती हैं. डॉ. प्रीति का कहना है कि सही समय पर जानकारी मिलने से महिलाओं को डिलीवरी के समय होने वाली कई जटिलताओं से बचाया जा सकता है.

पैसे नहीं मरीज पूर्ण सुधार को बनाते हैं लक्ष्य

वहीं Local 18 से बातचीत में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवशंकर गुर्जर कहते हैं कि उनका हमेशा यही प्रयास रहा है कि मरीजों को ईमानदार, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले. वह बताते हैं कि वह कभी भी सिर्फ पैसे को प्राथमिकता नहीं देते, बल्कि मरीज के पूर्ण स्वस्थ होने को अपना लक्ष्य मानते हैं. उन्होंने युवा डॉक्टरों को संदेश देते हुए कहा कि मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार, तत्परता और उपलब्धता ही एक अच्छे डॉक्टर की पहचान होती है.

डॉ. दंपति की खास बात यह है कि एक ही छत के नीचे मां और बच्चे का संपूर्ण इलाज उपलब्ध है. यही वजह है कि वे कई हाई-रिस्क डिलीवरी भी सफलतापूर्वक करवा पाते हैं. यही समन्वय और आपसी समझ उन्हें एक सशक्त ‘पावर कपल’ बनाती है.आज यह डॉक्टर दंपति न सिर्फ अपने पेशे में बल्कि सोशल मीडिया पर भी खंडवा का नाम रोशन कर रहा है, और लोग इन्हें प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं.

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