मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मौसम विभाग ने अच्छी खबर दी है. आने वाले दिनों में प्रदेश में मावठा गिरने की पूरी संभावना बन रही है. मकर संक्रांति के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. अगर बारिश तेज नहीं हुई और सिर्फ हल्की फुहार पड़ी, तो इसका सीधा फायदा रबी की फसलों को मिलेगा. मौसम विभाग के मुताबिक एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पूरी तरह एक्टिव होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा.
किन इलाकों में गिर सकता है मावठा
मौसम विभाग का कहना है कि 16 जनवरी के बाद मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में मावठा गिर सकता है. इसका असर खास तौर पर भोपाल, ग्वालियर-चंबल संभाग, जबलपुर संभाग, रीवा संभाग और सागर संभाग में देखने को मिल सकता है. इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है.
रबी फसलों के लिए क्यों है फायदेमंद मावठा
इस साल मध्य प्रदेश में गेहूं, चना, मसूर और सरसों की अच्छी बोवनी हुई है. ऐसे में हल्की बारिश इन फसलों के लिए किसी अमृत से कम नहीं मानी जाती है.
मावठा गिरने से:
मिट्टी में नमी बढ़ेगी
फसलों की बढ़वार बेहतर होगी, सिंचाई का खर्च कम होगा, हालांकि मौसम विभाग ने यह भी साफ किया है कि तेज बारिश हुई तो नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी.
ठंड और कोहरे का असर भी बढ़ेगा
पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ-साथ उत्तर से आ रही सर्द हवाएं भी तेज होंगी. इससे ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और महाकौशल इलाके में कड़ाके की ठंड,
सुबह-शाम घना कोहरा और तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है.
मकर संक्रांति के बाद और सख्त होगी सर्दी
मौसम विभाग का कहना है कि मकर संक्रांति के बाद ठंड का असर और तेज होगा. पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है, जिसकी वजह से मध्य प्रदेश में सर्दी का सितम बढ़ गया है.
किसानों को उम्मीद
किसानों को उम्मीद है कि अगर इस बार मावठा सही मात्रा में गिरा, तो रबी की फसल शानदार होगी. फिलहाल किसान मौसम पर नजर बनाए हुए हैं.
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