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Hara Chara Kheti: आमतौर पर देखा जाता है कि गर्मियों में हरे चारे की कमी होती है, जिससे दुधारू पशुओं को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है. ऐसे में उनकी उत्पादन क्षमता में कमी आती है. किसान जनवरी में कुछ चारों की खेती कर सकते हैं, जिससे गर्मी में पशुओं को दिक्कत न हो.
Agri Tips: मकर संक्रांति के बाद सूर्य के उत्तरायण होते ही धूप की चमक बढ़ गई है. ऐसे में जनवरी-फरवरी का समय बुवाई के लिए बेहतरीन साबित होता है. ऐसे में किसान या पशुपालक अभी से होशियारी दिखाएं तो मई-जून की गर्मी में जानवरों को चारे की कमी नहीं पड़ेगी. किसान भाई बकरी, भैंस और गाय प्रमुख तौर से पालते हैं. हरे चारे की कमी से गर्मियों में दूध उत्पादन में गिरावट आ जाती है. लेकिन, मई-जून में तब हरा चारा मिलेगा, जब जनवरी-फरवरी में कुछ चारों की बुवाई कर दी जाएगी. सांची दुग्ध संघ की जिला प्रबंधक माधुरी सोनेकर ने लोकल 18 को बताया कि जनवरी में कौन से चारे की फसलों को लगा सकते हैं.
जनवरी में बो दें ये हरा चारा
आमतौर पर देखा गया कि गर्मियों में हरे चारे की कमी होती है, जिससे दुधारू पशुओं को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है. उनकी उत्पादन क्षमता में कमी आती है. ऐसे में किसान भाई जनवरी में कुछ चारों की खेती करते हैं, तो भीषण गर्मी वाले 2 महीनों में हारे चारे की बिल्कुल कमी नहीं होगी.
बरसीम की करें खेती
जनवरी में आप बरसीम की खेती कर सकते हैं. अगर आप एक एकड़ में इसकी खेती करते हैं, तो आपको 10 से 12 किलो बीज लगेगा. यह महज 50 से 60 दिनों कटने के लिए तैयार हो जाती है. इसके बाद आप हर महीने दो बार कटाई कर सकते हैं. ऐसे में पशुओं का उत्पादन भी कम न होगा. इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं.
अल्फा अल्फा की करें खेती
अल्फाल्फा बारहमासी पौधा है. ऐसे में साल भर में आप कभी भी खेती कर सकते हैं. इससे आप साइलेज भी बना सकते हैं. यह महज 50 से 60 दिनों बाद कटाई कर सकते हैं. खास बात ये कि इसकी आप सात से आठ बार कटाई कर सकते हैं.
नेपियर घास
नेपियर घास भी बारहमासी चारा फसल है. यह पशुपालकों के लिए वरदान है, इसलिए इसे हरा सोना कहा जाता है. यह एक बारहमासी फसल है. अगर आप इसे एक बार लगाएंगे तो 10 साल तक हरा चारा देती है. इसमें काफी मात्रा में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट है, जो पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए बेहद फायदेमंद है.
लोबिया की करें खेती
लोबिया एक दलहनी फसल तो है ही साथ ही ये पशुओं के हरे चारे के लिए इस्तेमाल किया जाता है. लोबिया पशुओं के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट हरा चारा है. यह दूध उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है. इसमें कई सारे पोषक तत्व होते हैं. यह गर्मी में आसानी से उग जाता है.
मक्का भी एक ऑप्शन
किसान भाई जनवरी के आखिरी दिनों में इसकी खेती की तैयारी शुरू करते हैं. यह पशुओं के पौष्टिक ही नहीं, बल्कि पसंदीदा हरा चारा है. इसका इस्तेमाल साइलेज बनाने के लिए भी किया जाता है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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