ठंड में फट रहा है सिर? ये 5 गलतियां बनती हैं बड़ी वजह, पेनकिलर छोड़िए ये टिप्स देंगे माइग्रेन से आजादी!

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Winter Headache Causes and Relief Tips: सर्दियों में पानी की कमी. ठंडी हवा और मांसपेशियों का तनाव सिरदर्द के मुख्य कारण हैं. बाड़मेर के वरिष्ठ डॉक्टर दिनेश परमार के अनुसार. सिर को ढककर रखने. पर्याप्त पानी पीने और गर्दन की हल्की एक्सरसाइज करने से बिना दवा के आराम मिल सकता है.

सर्दियों के मौसम में सिरदर्द की समस्या काफी आम हो जाती है, जिसके पीछे कई शारीरिक और वातावरणीय कारण होते हैं. ठंड के कारण ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाओं) का सिकुड़ना, शुष्क हवा की वजह से साइनस में नमी की कमी और ठिठुरन के कारण गर्दन व कंधों की मांसपेशियों में आने वाला खिंचाव सिरदर्द के मुख्य कारक हैं. हालांकि दर्द निवारक दवाएं (पेनकिलर्स) तुरंत राहत तो दे देती हैं, लेकिन इनके अधिक सेवन से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए, लंबे समय तक इस समस्या से बचने के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव करना ही सबसे स्थायी समाधान है.

यह न केवल शरीर को गर्म रखती है बल्कि साइनस में जमा जकड़न को भी कम कर देता है

सर्दियों के मौसम में प्यास का अनुभव कम होता है, जिसके कारण अक्सर लोग पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं. शरीर में होने वाली यही पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन, सिरदर्द का एक प्रमुख कारण बन जाती है. बाड़मेर जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिनेश परमार इस विषय पर सलाह देते हैं कि ठंड के बावजूद हर व्यक्ति को दिन भर में कम से कम दो से तीन लीटर पानी पीने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए. शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ-साथ अदरक या पुदीने से बनी गर्म हर्बल चाय का सेवन भी इस मौसम में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है. यह न केवल शरीर को अंदरूनी गर्माहट प्रदान करती है, बल्कि साइनस में होने वाली जकड़न और ब्लॉकेज को कम करने में भी प्रभावी भूमिका निभाती है. इस प्रकार की जीवनशैली अपनाकर ठंड के कारण होने वाले सिरदर्द और भारीपन से प्राकृतिक रूप से बचा जा सकता है.

स्कार्फ या टोपी से सिर व गर्दन को ढकना चाहिए

अचानक चलने वाली ठंडी हवाओं के संपर्क में आने से सिरदर्द की समस्या काफी बढ़ सकती है. यही कारण है कि सर्दियों में कपड़ों के चुनाव और उन्हें पहनने के सही तरीके पर विशेष ध्यान देना चाहिए. ठंडी हवा से बचने के लिए ‘लेयरिंग’ (स्तरों में कपड़े पहनना) सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है. इसके लिए सबसे पहले शरीर पर हल्का कपड़ा पहनें, उसके ऊपर गर्म ऊनी लेयर डालें और सबसे ऊपर हवा रोकने वाली जैकेट या स्वेटर पहनें. यह तरीका शरीर की गर्मी को अंदर ही रोक कर रखता है.

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इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और गर्दन व कंधों को राहत मिलती है.

सर्दियों के दौरान तापमान कम होने से मांसपेशियां अकड़ जाती हैं. यही शारीरिक खिंचाव अक्सर गंभीर सिरदर्द की वजह बन जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना कुछ सरल एक्सरसाइज करने से इस समस्या में काफी राहत मिल सकती है. इसके लिए कंधों को धीरे-धीरे 10 बार आगे और पीछे की दिशा में घुमाना चाहिए. साथ ही सिर को दोनों तरफ बारी-बारी से 20-20 सेकंड तक झुकाना भी मांसपेशियों को लचीला बनाता है. दिन में कम से कम 5 बार चिन टक्स एक्सरसाइज करना गर्दन की नसों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है. ये गतिविधियां न केवल ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती हैं, बल्कि गर्दन और कंधों में जमा तनाव को कम करके सिरदर्द से प्राकृतिक बचाव भी करती हैं.

ऐसे में घर मे ह्यूमिडिफायर लगाना चाहिए जिससे नमी बनी रहती है

सर्दियों के दौरान ठंड से बचने के लिए घरों में हीटर या ब्लोअर का निरंतर उपयोग हवा की प्राकृतिक नमी को सोख लेता है. सूखी हवा के कारण साइनस की झिल्ली सूखने लगती है, जिससे जलन और तीव्र सिरदर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है. ऐसे में घर के भीतर ह्यूमिडिफायर का उपयोग करना एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बंद कमरों में नमी का स्तर 40 से 60 प्रतिशत के बीच बनाए रखना स्वास्थ्य के लिए आदर्श माना जाता है. इसके अतिरिक्त, घर के वातावरण को शुद्ध और नमीयुक्त रखने के लिए एयर-प्यूरिफाइंग पौधे लगाना भी काफी फायदेमंद होता है.

अखरोट जैसे फ्रूट्स,पालक जैसी हरी सब्जियों और हल्दी वाली चाय फायदेमंद होती है.

सर्दियों में सिरदर्द जैसी समस्याओं से बचने के लिए केवल बाहरी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि खान-पान का सही होना भी अत्यंत आवश्यक है. विशेषज्ञों के अनुसार, अपनी डाइट में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए. अखरोट जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर ड्राई फ्रूट्स नसों की सूजन कम करने में सहायक होते हैं. इसके साथ ही, पालक जैसी हरी सब्जियां शरीर को जरूरी मैग्नीशियम प्रदान करती हैं, जो मांसपेशियों की अकड़न को रोकता है. हल्दी वाली चाय या दूध का सेवन भी इस मौसम में रामबाण माना जाता है, क्योंकि इसमें मौजूद करक्यूमिन प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में कार्य करता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.

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