रीवा में ‘डिजिटल शादी कार्ड’ से ठगी… कार्ड की फाइल खोलते ही मोबाइल हो रहा हैक, खातों से गायब हो रही रकम

साइबर फ्रॉड विभिन्न तरीकों से लोगों को बेवकूफ बनाकर लूट कर रहे हैं। एक बार फिर उनके द्वारा शादी कार्ड एवं आमंत्रण पत्र पर लोगों से फ्रॉड करने की प्रक् …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 14 Jan 2026 10:51:46 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Jan 2026 10:51:46 PM (IST)

रीवा में ‘डिजिटल शादी कार्ड’ से ठगी

HighLights

  1. शादी के कार्ड वाली फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हो रहा हैक
  2. एक दर्जन से ज्यादा लोग ठगी के शिकार, बैंक खातों से उड़ी रकम
  3. अनजान APK फाइल कभी न खोलें, ऐप हमेशा प्ले स्टोर से ही लें

नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा। साइबर फ्रॉड विभिन्न तरीकों से लोगों को बेवकूफ बनाकर लूट कर रहे हैं। एक बार फिर उनके द्वारा शादी कार्ड एवं आमंत्रण पत्र पर लोगों से फ्रॉड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साइबर फ्रॉड करने के लिए उनके द्वारा किसी भी नंबर को हाईजैक कर, उससे परिचित नंबरों पर फाइल भेजकर अपने मंसूबों को अंजाम दिया जा रहा है।

मोबाइल हाईजैक कर फ्रॉड को अंजाम दिया

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में इसी तरह का मामला प्रकाश में आया है, जहां किसी भी मोबाइल को हाईजैक करके इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा है। पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस ने इस तरह के साइबर फ्रॉड में न फंसने की अपील लोगों से की है। बता दें कि अब तक जिले के एक दर्जन से ज्यादा लोग इस ठगी की चपेट में आ चुके हैं, जिनके बैंक खातों से राशि ट्रांसफर कर ली गई है। ठग शादी के कार्ड, चालान और बिजली बिल के नाम पर फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर रहे हैं।

केस स्टडी: दोस्त के नंबर से आया शादी का कार्ड और खाली हो गया बैंक खाता

लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए रीवा पुलिस ने आमजन के लिए साइबर एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है। पीड़ितों में शामिल ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि उनके भतीजे को अविवाहित दोस्त के वॉट्सऐप नंबर से शादी का कार्ड आया था। उन्होंने इसे दोस्त की शादी का शुभ संदेश समझा और बिना किसी संदेह के भेजे गए संदेश को खोल लिया। इसके कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल हैंग होने लगा और फिर पूरी तरह हैक हो गया। हैकिंग के बाद उनके बैंक खाते से पैसे ट्रांजैक्शन हो गए। बाद में पता चला कि दोस्त का वॉट्सऐप पहले ही हैक था और उसी के जरिए फाइल आगे भेजी जा रही थी। साइबर थाना प्रभारी वीरेंद्र पटेल ने बताया कि साइबर अपराधियों द्वारा ईमेल, व्हाट्सएप, टेलीग्राम सहित अन्य इंटरनेट मीडिया साइट के जरिए इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा है।

एपीके फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल का कंट्रोल अपराधियों के हाथ में

इतना ही नहीं, उनके द्वारा बिजली के बिल, टेलीफोन बिल एवं ऑनलाइन सामान मंगवाने वाली अन्य वेबसाइट के माध्यम से भी फ्रॉड करने की कोशिश की जा रही है। साइबर क्राइम से जुड़े अपराधियों द्वारा पहले किसी भी प्रकार की फाइल भेजी जाती है, उसे जैसे ही मोबाइल धारक डाउनलोड करते हैं, उनका मोबाइल हाईजैक कर लिया जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करता है, मोबाइल का पूरा कंट्रोल साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है। इसके बाद ओटीपी, पासवर्ड और बैंक डिटेल के जरिए खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं। रीवा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध एपीके (APK) फाइल को डाउनलोड न करें। शादी का कार्ड या बैंक से जुड़ी कोई सूचना एपीके फाइल के रूप में नहीं आती। केवल गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें और मोबाइल में अन्य विकल्प बंद रखें।

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *