कभी 99kg था महिला का वजन, सिर्फ 1 डाइट रूल से हुआ 60 किलो, जानें कैसे आया इतना चेंज

29 साल की लुईस गफ की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो वजन बढ़ने की वजह से खुद को थका हुआ, शर्मिंदा या कमजोर महसूस करने लगते हैं. साउथ वेल्स, यूके की रहने वाली लुईस एक बिजनेस ओनर हैं और अक्टूबर 2024 में उनका वजन 99 किलो तक पहुंच चुका था. एक रात पार्टी के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि उनकी सेहत कितनी बिगड़ चुकी है. वह एक घंटे से ज्यादा डांस नहीं कर पाईं, ज्यादा पसीना आने लगा और सांस फूलने लगी. हालत इतनी खराब थी कि वह खुद झुककर अपने जूते तक नहीं पहन पा रही थीं और दोस्त को उनकी मदद करनी पड़ी. उसी पल उन्हें खुद पर शर्म महसूस हुई और यही पल उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गया.

लुईस ने बताया कि पार्टी के अगले ही दिन उन्होंने तय कर लिया कि अब खुद को इस हालत में नहीं रहने देंगी. उन्हें समझ आ गया था कि यह सिर्फ वजन का मामला नहीं है, बल्कि सेहत और लाइफस्टाइल का सवाल है. उन्होंने अचानक कोई क्रैश डाइट या खुद को भूखा रखना शुरू नहीं किया, बल्कि एक आसान और टिकाऊ तरीका अपनाया. एक साल के अंदर उन्होंने 38 किलो वजन घटाया और आज उनका वजन 60 किलो है. इस पूरे बदलाव की सबसे बड़ी वजह रही एक सिंपल डाइट फिलॉसफी, जिसे 80/20 डाइट रूल कहा जाता है.

इतने कैलोरी को किया टारगेट
लुईस ने सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान दिया. उन्होंने कैलोरी और मैक्रोन्यूट्रिएंट्स को समझा और ऐसा प्लान बनाया, जिससे शरीर को जरूरी पोषण भी मिले और वजन भी धीरे-धीरे कम हो. शुरुआत में उन्होंने रोज करीब 1800 कैलोरी लेने का लक्ष्य रखा और प्रोटीन पर खास ध्यान दिया. इसके साथ ही उन्होंने खुद को रोज 8000 से 10000 कदम चलने की आदत डाली. इसका असर बहुत जल्दी दिखने लगा. पहले तीन महीनों में ही उनका वजन 16 किलो कम हो गया. उन्होंने शराब और बाहर का जंक फूड पूरी तरह छोड़ दिया, जिससे शरीर को डिटॉक्स होने का समय मिला.

80/20 डाइट रूल
उनकी पूरी वेट लॉस जर्नी का आधार बना 80/20 डाइट रूल. इस नियम के मुताबिक, 80 प्रतिशत खाना हेल्दी और पोषण से भरपूर होना चाहिए, जैसे फल, सब्जियां, प्रोटीन और होल फूड. बाकी 20 प्रतिशत में कभी-कभार पसंदीदा चीजें खाई जा सकती हैं, ताकि मन भी खुश रहे और डाइट बोझ न लगे. लुईस का कहना है कि इसी बैलेंस की वजह से वह अपनी डाइट को लंबे समय तक फॉलो कर पाईं. उन्होंने खुद को किसी चीज से पूरी तरह वंचित नहीं किया, बल्कि कंट्रोल में रहना सीखा.

पुरानी डाइट Vs नई डाइट
अगर उनकी पुरानी डाइट की बात करें, तो सुबह या दोपहर में वह बड़ी कैरामेल कॉफी और सॉसेज सैंडविच लेती थीं. रात का खाना ज्यादातर चाइनीज, इंडियन या पिज्जा जैसे टेकअवे पर आधारित होता था. स्नैक्स में मफिन और चिप्स आम बात थी. वहीं अब उनकी डाइट पूरी तरह बदल चुकी है. सुबह वह ग्रीक योगर्ट के साथ फल खाती हैं. लंच में चिकन लेती हैं और डिनर में स्टेक या चिकन के साथ सब्जियां शामिल करती हैं. स्नैक्स में अब डार्क चॉकलेट या छोटी चॉकलेट बार लेती हैं, वो भी सीमित मात्रा में.

स्किन और बाल पर भी दिखा असर
जैसे-जैसे शरीर में एनर्जी लौटने लगी, लुईस ने जिम जॉइन किया और रोजाना वर्कआउट शुरू किया. उन्होंने रनिंग को भी अपनी रूटीन में शामिल किया. इसका असर सिर्फ वजन पर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर पर दिखा. उनका कहना है कि अब वह अपनी पांच साल की बेटी के साथ बिना थके खेल पाती हैं, कॉन्फिडेंस के साथ शॉपिंग कर पाती हैं और पार्क में स्लाइड पर बैठने में भी कोई परेशानी नहीं होती. लुईस बताती हैं कि अब उनकी स्किन पहले से ज्यादा साफ है, बाल घने और चमकदार हो गए हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि उन्हें जंक फूड की क्रेविंग ही नहीं होती. उनका शरीर अब खुद हेल्दी खाने की मांग करता है. लुईस कहती हैं कि उन्हें खुद पर गर्व है कि उन्होंने अपनी जिंदगी को सही दिशा में मोड़ा और आज वह हर दिन खुद को ज्यादा हेल्दी, एनर्जेटिक और खुश महसूस करती हैं.

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