दरअसल यह पूरा घटनाक्रम सोमवार की दोपहर तीन बजे नागौद-उचेहरा मुख्य मार्ग पर पोड़ी चौकी के पास का है। जहां आपातकालीन सेवा में तैनात एफआरवी वाहन डायल 112 …और पढ़ें
HighLights
- आपातकालीन सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े।
- इसके बाद वाहन को सीधे सर्विस सेंटर ले जाया गया।
- पूरा वाक्या लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा था।
सतना। बीते स्वतंत्रता दिवस कि पूर्व संध्या पर सीएम मोहन यादव ने नई पुलिस सेवा को हरी झंउी दिखाते हुए ‘मिनिमम गवर्मेट, मैक्सिम गवर्नेस’ की तरफ कदम बढ़ाने का अहम कदम बताते हुए डायल 100 की जगह डायल 112 की नई पुलिस सेवा शुरु कि थी। इसके तहत सतना जिला को 25 एफआरवी (फास्ट रेस्पांस व्हीकल) कि सौगात मिली थी। लेकिन महज पांच माह बाद ही इन एफआरवी को धक्का प्लेट हो गई।
सोमवार को जिला के नागौद थाना को मिली दो एफआरवी में से एक को पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से धक्का देकर स्टार्ट कराया। इसकी तस्वीर सामने आने के बाद प्रदेश सरकार द्वारा डायल 100 को बदलकर शुरू की गई आपातकालीन सेवा डायल 112 की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
दरअसल यह पूरा घटनाक्रम सोमवार की दोपहर तीन बजे नागौद-उचेहरा मुख्य मार्ग पर पोड़ी चौकी के पास का है। जहां आपातकालीन सेवा में तैनात एफआरवी वाहन डायल 112 क्रमांक एमपी ०4 टी 03128 स्टार्ट होना बंद कर दी। वाहन में मोजूद वाहन चालक लम्बे समय तक वाहन को स्टार्ट करने का प्रयास में जुटा रहा।
लेकिन वाहन स्टार्ट नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस वालों ने मौके पर मौजूद स्थानीय नागारिकों की सहायता के लिए बुलाना पड़ा और सबने मिलकर चमचमाती डायल 112 को धक्का लगाया।
तब जाकर आपाकालीन वाहन स्टार्ट हुआ। इसके बाद वाहन को सीधे सर्विस सेंटर ले जाया गया। यह पूरा वाक्या लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। बातें इस बात कि भी कि जा रहीं है कि बीते लम्बे समय से बंद हुई एफआरवी वाहन की बैटरी संबंधी समस्या बनी हुई थी।
वाहन के सेल्फ में किसी प्रकार की तकनीकी खामी आ गई थी।
आशोक पाण्डेय, थाना प्रभारी नागौद
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