ईरान की खबरें अच्छी नहीं हैं. ईरान में पिछले दस दिनों से जारी प्रदर्शनों और 500 मौतों के बाद वहां के सर्वोच्च धार्मिक गुरु अयातुल्लाह खामनेई की स्थिति डांवाडोल हो रही है. ब्रिटिश अखबार कर रहे हैं कि मौजूदा हालात में खामनेई ने एक प्लान बी तैयार कर लिया है, तो रूस भाग सकते हैं. इसके लिए उन्होंने तैयारी पूरी कर ली है. इसमें भी कोई शक नहीं कि ईरान में जो गुस्सा इस समय नजर आ रहा है, उसके निशाने पर खामनई और उनका परिवार ज्यादा है, जो ना केवल अकूत संपत्ति का मालिक है बल्कि खासा ताकतवर भी.
जनवरी 2026 की शुरुआत में ब्रिटिश अखबार द टाइम्स ने एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से खबर दी कि अयातुल्लाह अली खामेनेई ने एक प्लान बी तैयार किया है. इसके तहत अगर विरोध प्रदर्शन और बढ़ गए. सुरक्षा बल आदेश मानना बंद कर दें या विरोधियों का साथ देने लगें तो खामेनेई मॉस्को भागने की योजना बना सकते हैं.
अकेले नहीं 20 लोगों के साथ भागेंगे
वह अकेले नहीं भागेंगे बल्कि उनके साथ 20 के करीब लोग जाएंगे, जिसमें उनका बेटा और संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई, करीबी सहयोगी और परिवार के सदस्य शामिल हैं. वह अपने साथ बड़ी संपत्ति भी लेकर भागेंगे. बताया जाता है कि इस परिवार के पास 95 बिलियन डॉलर (करीब 85 हजार करोड़ रुपए) की संपत्ति है, जो सेतद जैसी संस्थाओं से भी जुड़ी हुई हैं.
पुतिन से अली खामनेई के रिश्ते अच्छे
रिपोर्ट कहती है कि चूंकि खामनेई और पुतिन के संबंध अच्छे हैं. खामनेई ईरानी-रूसी संस्कृति में समानता देखते हैं. लिहाजा वह अपने परिवार के साथ रूस को ज्यादा सुरक्षित पा रहे हैं. सीरिया के बशर अल-असद भी वहां विद्रोह के बाद 2024 में रूस भाग गए थे.
जेरूशलम पोस्ट और कई अंतरराष्ट्रीय अखबारों ने भी इस तरह की रिपोर्ट दी हैं. जेरूशलम पोस्ट ने पूर्व इजरायली खुफिया अधिकारी बेनी सब्ती के हवाले से कहा: “खामेनेई के लिए रूस के अलावा कोई जगह नहीं है.” टाइम्स अपनी इस रिपोर्ट को पुख्ता रिपोर्ट पर आधारित बता रहा है तो ईरानी सरकार ने इसे “जियोनिस्ट प्रोपगैंडा” बताया.
सोशल मीडिया पर क्या अटकलें
सोशल मीडिया (X) पर कुछ पोस्ट्स में अफवाहें हैं कि परिवार पहले ही मॉस्को पहुंच गया या संपत्ति और परिवार को प्लेन से भेजा जा रहा है, लेकिन ये पोस्ट्स अनकन्फर्म्ड और ज्यादातर विरोधियों के अकाउंट्स से हैं. मुख्यधारा मीडिया या विश्वसनीय स्रोत ने उनके भागने की पुष्टि नहीं की है.
ईरान प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ये प्रदर्शन चरमरा चुकी अर्थव्यवस्था, महंगाई, दमन से नाराजगी को लेकर है. इसके चलते देशभर में 500 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. हालांकि अब तक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) खामनेई के प्रति वफादार दिख रहा है लेकिन अगर प्रदर्शन जारी रहे. मौतें बढ़ने लगीं तो सुरक्षा बल टूट सकते हैं तब ईरान के खामनेई प्लान बी को सक्रिय कर सकते हैं.
क्या है प्लान बी
ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सेना के साथ छोड़ देने की स्थिति में “प्लान बी” का निर्देश खुद खामनेई द्वारा दिए जाने का दावा किया गया है. ब्रिटिश अखबार की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार, खामनेई ने अपने सबसे विश्वसनीय सलाहकारों को मॉस्को भागने की योजना तैयार करने का आदेश दिया है.
परिवार में कितने लोग
अब जानते हैं कि खामनेई के परिवार में कितने लोग हैं और ये सभी कहां रहते हैं और क्या करते हैं. खामेनेई के चार बेटे हैं – मोस्तफा, मोजतबा, मसूद, और मैसम.खामनेई के दूसरे बेटे को खामेनेई का संभावित उत्तराधिकारी बताया जाता है. उनकी दो बेटियां है – बशरी और होदा. ये दोनों बेटियां शासन के करीबी लोगों से शादीशुदा हैं. एक बेटी का पति खामेनेई के दफ्तर के प्रमुख का बेटा है. खामनेई के तीन भाई हैं.
अयातुल्लाह खामनेई का आर्थिक साम्राज्य
अयातुल्लाह खामेनेई स्वयं ईरान के सर्वोच्च नेता हैं. उनके नियंत्रण में कई शक्तिशाली संस्थाएँ हैं, जिनके पास अरबों डॉलर के संपत्ति और निवेश हैं. खामेनेई के आर्थिक नियंत्रण में सेतद नामक संगठन है, जिसमें व्यापक संपत्ति और कंपनियों का एक बड़ा ग्रुप है. रायटर के विश्लेषण के अनुसार इसका कुल मूल्य लगभग $95 अरब के आसपास आंका गया, जिसका जिक्र ऊपर भी किया जा चुका है.
हालांकि इस बात का सीधा सबूत नहीं मिला कि खामेनेई व्यक्तिगत रूप से इस $95 अरब का निजी उपयोग करते हैं, लेकिन ये संसाधन उनके नियंत्रण और राजनीतिक शक्ति का स्रोत हैं.
– उनके बेटे मोज़तबा खामनेई की व्यक्तिगत संपत्ति $3 अरब से अधिक हो सकती है, जो विदेशी बैंक खातों, सोने-हीरों जैसे निवेश और भूमि संपत्तियों में फैली हुई है.
– दूसरे पुत्र मासूद खामनेई के पास भी बड़े बैंक हिस्से, वाहन कारोबार और अन्य आर्थिक हित हैं, जिनकी कीमत सैकड़ों मिलियन डॉलर में आंकी जाती है.
– खामनेई परिवार के लोग ईरान की सबसे शीर्ष सत्ता संरचना का हिस्सा हैं और राजनीतिक निर्णयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं. इस शक्ति ने उन्हें आर्थिक अवसरों तक बेहतर पहुंच दी है जो आम नागरिकों के लिए बहुत सीमित या अनुपलब्ध हैं.
पिछले पांच सालों में कितने राष्ट्रप्रमुख भागे
पिछले पांच वर्षों में दुनिया भर में कई राजनीतिक उथल-पुथल और नागरिक विद्रोह हुए हैं, जिसके कारण कम से कम 6 प्रमुख राष्ट्रप्रमुखों को अपनी जान बचाकर दूसरे देशों में भागना पड़ा है.
– वर्ष 2021 में अफगानिस्तान से वहां के राष्ट्रपति अशरफ गनी संयुक्त अरब अमीरात भाग गए, क्योंकि तालिबान की फौजों ने काबुल पर कब्जा कर लिया था.
– श्रीलंका में वर्ष 2022 में जबरदस्त विद्रोह हुआ. तब प्रधानमंत्री गोटाबाया राजपक्षे अपना देश छोड़कर मालदीव और थाईलैंड भागे हालांकि फिर वापस लौट आए.
– वर्ष 2024 में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना छात्र आंदोलन और हिंसक विद्रोह के बाद भागकर भारत आना पड़ा
– वर्ष 2024 में सीरिया के प्रेसीडेंट बशर अल-असद को रूस भागना पड़ा, क्योंकि विद्रोहियों ने सीरिया की राजधानी दमिश्क पर कब्जा कर लिया.
मेडागास्कर और नेपाल में भी ऐसा ही हुआ. म्यांमार और सूडान जैसे देशों में भी तख्तापलट हुए, वहां के नेताओं को या तो हिरासत में ले लिया गया (जैसे आंग सान सू की) या वे देश के भीतर ही संघर्ष कर रहे हैं.
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