Weight Loss Tablete: भारत की ड्रग नियंत्रण संस्था सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन CDSCO भारत में वेट लॉस की तीन दवाओ को पिछले साल मंजूरी दी थी. वीगोभी, मोंजारो और जेपबाउंड. ये तीनों दवा फिलहाल इंजेक्शन के रूप में मिलती हैं. लेकिन अब वीगोभी ने इसका टैबेट वर्जन लॉन्च कर दिया है. अमेरिका के फूड ड्रग एंड एडमिनिस्ट्रेशन ने इसे पिछले साल दिसंबर में मंजूरी दी है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह टैबलेट इंजेक्शन की तरह काम करेगा और यह टैबलेट भारत में कब आएगा.
कितना कारगर होगा टैबलेट
मेडिकल न्यूज टूडे की खबर में यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर न्यू जर्सी में बेरिएट्रिक सर्जन डॉ. सेठ किपनिस ने बताया कि वीगोभी टैबलेट मोटापा कम करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है. यह टैबलेट GLP-1 मेथड पर आधारित है जिसमें भूख का अहसास कम होता है. सबसे असरदार बदलाव यह होगा कि खुद इंजेक्शन लगाने की मानसिक और शारीरिक बाधा खत्म हो जाएगी क्योंकि सुई का डर एक वास्तविक और गंभीर समस्या है, जिसकी वजह से GLP-1 थेरेपी के कई संभावित मरीज इलाज लेने से मना कर देते हैं. हार्टफोर्ड हेल्थकेयर एंड मेडिकल सेंटर कनिटकट की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. देविका उमाशंकर ने बताया कि वीगोभी का टैबलेट वर्जन गेमचेंजर साबित हो सकता है.
उन्होंने बताया कि टैबलेट वर्जन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इंजेक्शन को सप्ताह में एक बार लगाया जाता है और इसका साइड इफेक्ट्स पूरे सप्ताह भर तक रहता है. उमाशंकर ने बताया कि इसके विपरीत, रोज़ ली जाने वाली दवाओं के साइड इफेक्ट्स आमतौर पर 24 घंटे के भीतर कम हो जाते हैं, जिससे मरीजों को लंबे समय तक परेशानी नहीं झेलनी पड़ती. कैलिफोर्निया के फाउंटेन वैली में ऑरेंज मेडिकल सेंटर के बैरिएट्रिक सर्जन मीर अली ने बताया कि आमतौर पर गोलियां इंजेक्शन की तुलना में सस्ती बनती हैं, इसलिए इससे इलाज की लागत कम हो सकती है. मसलन भारत में 1 वीगोभी इंजेक्शन का खर्च 10199 रुपये है. लेकिन जब टैबलेट आ जाएगी तो इसकी कीमत बहुत कम हो सकती है.
Wegovy गोली और इंजेक्शन में क्या अंतर है
इंजेक्शन को सप्ताह में एक बार दिया जाता है गोली को दिन में एक बार ली जाती है. गोली खाली पेट खाई जाती है और उसके आधे घंटे तक कुछ नहीं खाया जाता है. इस दौरान दूध पीना भी वर्जित है क्योंकि दूध के कारण दवा शरीर में एब्जॉर्व नहीं होती.
किससे कितना वजन घटता
डॉ. देविका उमाशंकर ने बताया कि गोली 64 सप्ताह में लगभग 14 प्रतिशत वजन कम करती है, जबकि इंजेक्शन एक साल से ज़्यादा समय में लगभग 15 प्रतिशत वजन कम करता है. यानी दोनों से लगभग समान वजन घटता है.
गोली और इंजेक्शन में साइड इफेक्ट्स
Wegovy के दोनों फॉर्म (गोली और इंजेक्शन) में साइड इफेक्ट्स काफी हद तक एक जैसे हैं. सबसे आम साइड इफेक्ट्स हैं मतली, उल्टी, दस्त और कब्ज.
Wegovy की कौन-सी फॉर्म सही है?
जो लोग Wegovy गोली या इंजेक्शन में से किसी एक को चुनना चाहते हैं, उनके लिए देविका उमाशंकर की सलाह है कि यह डॉक्टर तय करेंगे कि आपको गोली की जरूरत है या इंजेक्शन की.
दवा लेने के दौरान कौन सी डाइट होनी चाहिए
देविका उमाशंकर कहती हैं कि वेट लॉस की दवा लेने के दौरान आपको खान-पान पर ध्यान देना होगा. हम मरीजों को कार्बोहाइड्रेट और शुगर कम करने और डाइट में प्रोटीन और सब्ज़ियों पर ज़ोर देने की सलाह दी जाती है. प्रोटीन बहुत ज़रूरी है क्योंकि इससे मांसपेशियां बची रहती हैं. आप मसल्स खोना नहीं चाहते, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखते हुए फैट जलाना चाहते हैं.
भारत में कब लॉन्च होगा
भारत में वीगोभी का इंजेक्शन पहले से ही मौजूद है. टैबलेट फॉर्म को नोवो नॉर्डिस्क इसे भारत में लाने के लिए रेगुलेटरी मंजूरी की प्रक्रिया में है. संभावित रूप से 2026 के अंत तक यह उपलब्ध हो सकती है.
कीमत में कितना अंतर
टैबलेट फॉर्म होने के कारण इसकी कीमत इंजेक्शन के मुकाबले थोड़ी कम हो सकती है, जिससे यह आम लोगों की पहुंच में होगी.