देसी ENT डॉक्टर है ये बेल! सर्दी-खांसी, बुखार सब होगा छूमंतर, बढ़ेगी इम्यूनिटी

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Giloy Health Benefits in Winter: ठंड के मौसम में बार-बार सर्दी, खांसी, गले की खराश और वायरल बुखार परेशान करने लगते हैं. ऐसे में बघेलखंड की देसी परंपरा में गिलोय को प्राकृतिक सुरक्षा कवच माना जाता है. गिलोय की चाय और काढ़ा न सिर्फ ईएनटी समस्याओं में राहत देता है बल्कि इम्यूनिटी बढ़ाकर शरीर को वायरल इंफेक्शन से बचाने में भी अहम भूमिका निभाता है.

शिवांक द्विवेद, सतना: कड़ाके की ठंड शुरू होते ही नाक बहना, गला बैठना, कान में दर्द, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. हालांकि बघेलखंड अंचल में वर्षों से लोग एक ऐसे देसी औषधीय पौधे पर भरोसा करते आ रहे हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के शरीर को अंदर से मजबूत बना देता है. यह पौधा है गिलोय जिसे आयुर्वेद में अमृता भी कहा जाता है. सर्दियों में गिलोय का काढ़ा या चाय पीने की परंपरा आज भी गांव-देहात में देखने को मिलती है, बाघेलखंड के लोग तो इसे देसी ईएनटी स्पेशलिस्ट मानते हैं.

बघेलखंड में क्यों खास है गिलोय
लोकल 18 से बातचीत में रोपनीय प्रभारी विष्णु तिवारी बताते हैं कि गिलोय सर्दियों में बेहद फायदेमंद औषधि है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर सर्दी-जुकाम, खांसी और मौसमी फ्लू से बचाव करती है. पुराने समय में जब एलोपैथी दवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं थीं तब गिलोय की डंडी से बना काढ़ा ही बुखार, गले की खराश और कमजोरी का भरोसेमंद इलाज माना जाता था. आज भी बघेलखंड के कई घरों में ठंड शुरू होते ही गिलोय को सहेज कर रखा जाता है.

गिलोय में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये गुण शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं. यह न केवल वायरल बुखार को कम करने में सहायक है बल्कि साइनस, एलर्जी और बार-बार छींक आने जैसी समस्याओं में भी राहत देती है. ठंड में जब जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है तब गिलोय सूजन कम करने में मदद करती है.

गिलोय का काढ़ा बनाने का आसान तरीका
गिलोय का काढ़ा बनाना बेहद सरल है. इसके लिए 2-3 इंच गिलोय की डंडी लें और उसे हल्का कूट लें. फिर एक पैन में 2 गिलास पानी डालकर उसमें गिलोय, 5-6 तुलसी के पत्ते, आधा इंच अदरक, 2-3 काली मिर्च और थोड़ी दालचीनी डालें. अब इसे धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए. उसके बाद छानकर हल्का गुनगुना होने पर पिएं वहीं स्वाद के लिए इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं.

गिलोय की चाय
जो लोग रोज काढ़ा नहीं पी पाते उनके लिए गिलोय की चाय बेहतर विकल्प है. एक कप पानी में गिलोय का छोटा टुकड़ा या आधा चम्मच गिलोय पाउडर डालें. इसमें चाय पत्ती की जगह तुलसी और अदरक मिलाकर उबालें. छानकर पीने से सर्दियों में शरीर को गर्माहट मिलती है और इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है.

सर्दियों में गिलोय के बड़े फायदे
गिलोय सर्दी-जुकाम और खांसी से राहत देती है बुखार कम करने में मदद करती है और पाचन शक्ति को मजबूत बनाती है. यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर डिटॉक्स का काम करती है. साथ ही इसमें मौजूद एडाप्टोजेनिक गुण तनाव और थकान को कम करने में भी सहायक होते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार ठंड के मौसम में गिलोय का नियमित और सीमित मात्रा में सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है. यही वजह है कि आधुनिक दवाओं के दौर में भी गिलोय आज देसी ज्ञान और आयुर्वेद का भरोसेमंद स्तंभ बनी हुई है जो एक काढ़े से शरीर में नई जान फूंक देती है.

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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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