इस पेड़ के बीज का सुबह खाली पेट सेवन करें, इससे त्वचा का ग्लो बढ़ेगा, दांत मजबूत होंगे और पाचन ठीक रहेगा

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Karang Health Benefits: करंज का पेड़ पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों और घरों के आस-पास आसानी से पाया जाता है. आयुर्वेद में इसका उपयोग वर्षों से त्वचा रोग, जोड़ों के दर्द, सूजन और बाल झड़ने जैसी समस्याओं में किया जाता रहा है. करंज के बीज, पत्ते, छाल और तेल औषधीय गुणों से भरपूर हैं. इसके बीज और तेल से बाल मजबूत होते हैं, चेहरे की रौनक बढ़ती है और आंखों में शीतलता आती है. करंज की नियमित खपत पेट की सफाई, पाचन सुधार, शुगर नियंत्रण और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करती है.

हमारे आस-पास ऐसे कई औषधीय महत्व वाले पेड़ पौधे पाए जाते हैं, जिनकी हमे जानकारी नहीं होती है, लेकिन पेड़ पौधे घरेलू नुस्खे के रूप में वर्षों से उपयोग होते रहे है. ऐसा ही एक पेड़ है करंज. माना जाता है कि इस पेड़ के अनेक आयुर्वेदिक गुणों की वजह से इसे नीम से भी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इस पेड़ के आयुर्वेदिक गुणों के बारे में सिरोही के सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेद चिकित्सक अधिकारी और वरिष्ठ वैध दामोदर प्रसाद चतुर्वेदी ने बताया.

करंज का पेड़

डॉ. चतुर्वेदी के अनुसार, करंज का पेड़ अधिकांशतः पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है, हालांकि यह घरों के आस-पास भी आसानी से देखने को मिल जाता है. दिखने में साधारण लगने वाला यह पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर होता है. करंज का उपयोग आयुर्वेद में वर्षों से विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है. इसके पत्ते, बीज, छाल और तेल त्वचा रोग, जोड़ों के दर्द और सूजन जैसी समस्याओं में लाभकारी माने जाते हैं. पारंपरिक चिकित्सा में करंज को एक महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष माना गया है.

करंज के फल

सिरोही जिले में करंज का पेड़ बड़ी संख्या में पाया जाता है और इसे औषधीय दृष्टि से बेहद उपयोगी माना जाता है. जिन लोगों को गंजेपन या बाल झड़ने की समस्या है, उनके लिए करंज के तेल का नियमित उपयोग लाभकारी माना जाता है. यह तेल बालों की जड़ों को मजबूत करने में मदद करता है. इसके अलावा करंज के बीजों का पेस्ट दूध में पकाकर ठंडा कर छानने के बाद काजल की तरह उपयोग करने से आंखों को शीतलता मिलती है और जलन जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है.

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करंज के फूल

करंज के बीजों को दूध में पीसकर चेहरे पर फेस पैक के रूप में लगाने से त्वचा की रौनक बढ़ती है और चेहरा निखरा हुआ दिखाई देता है. यह पैक त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है. वहीं करंज के पत्तों से तैयार काढ़ा उल्टी की समस्या में राहत देने में सहायक होता है. इसके अलावा करंज के बीजों को पीसकर पानी में मिलाकर नाभि पर लगाने से बुखार में आराम मिलने की मान्यता है. आयुर्वेद में करंज को एक उपयोगी औषधीय पौधा माना गया है..

करंज का पेड़

सुबह खाली पेट करंज के बीज चबाने से पेट की अच्छी तरह सफाई होती है और पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है. मान्यता है कि इसके नियमित सेवन से ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है. हालांकि शुगर के मरीजों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को करंज के बीज का सेवन करने से पहले चिकित्सक या आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह जरूर लेनी चाहिए. करंज के पत्ते सूजन, दस्त और कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत दिलाने में सहायक माने जाते हैं.

करंज का पेड़

करंज के आयुर्वेदिक गुण इसे एक प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर बनाते हैं. इसके बीजों में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. करंज के बीज नेचुरल डिटॉक्स का काम भी करते हैं और शरीर में जमे टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं. इसके अलावा ये बीज लिवर की सफाई और स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक होते हैं. नियमित उपयोग से शरीर तंदरुस्त रहता है और कई बीमारियों से बचाव संभव होता है.

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औषधीय गुणों से भरपूर है यह पेड़, बाल, त्वचा और इम्यूनिटी के लिए है फायदेमंद

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