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Bhastrika Pranayama Benefits: सर्दियों में शरीर की गर्माहट बनाए रखना और इम्युनिटी मजबूत रखना सबसे बड़ी जरूरत होती है. ऐसे समय में भस्त्रिका प्राणायाम एक असरदार योग अभ्यास माना जाता है. यह शरीर में अंदरूनी गर्मी पैदा करता है, फेफड़ों को मजबूत बनाता है और सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद करता है. नियमित अभ्यास से न सिर्फ शरीर ऊर्जावान रहता है बल्कि मानसिक थकान और सुस्ती भी दूर होती है.
ऋषिकेश: सर्दियों का मौसम जहां एक ओर ठंडक और सुहावने अहसास के लिए जाना जाता है, वहीं दूसरी ओर यह कई शारीरिक समस्याएं भी लेकर आता है. ठंड के कारण शरीर की सक्रियता कम हो जाती है, इम्युनिटी कमजोर पड़ने लगती है और सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं. ऐसे में योग और प्राणायाम शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. भस्त्रिका प्राणायाम को विशेष रूप से सर्दियों के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. यह एक ऐसी योग क्रिया है, जो शरीर में गर्मी पैदा करती है और सांसों की ताकत को बढ़ाती है. नियमित अभ्यास से यह न केवल ठंड से बचाव करता है बल्कि पूरे शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है.
भस्त्रिका प्राणायाम क्या है?
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान योगिनी रश्मि भस्त्रिका प्राणायाम का अर्थ ही है धौंकनी की तरह सांस लेना और छोड़ना. जैसे लोहार की भट्ठी में धौंकनी से आग तेज होती है, वैसे ही इस प्राणायाम से शरीर की आंतरिक अग्नि प्रज्वलित होती है. सर्दियों में शरीर का तापमान संतुलित रखना जरूरी होता है और भस्त्रिका इसमें मदद करता है. तेज गति से सांस अंदर लेने और बाहर छोड़ने से शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है, जिससे ठंड का असर कम महसूस होता है.
फेफड़ों को बनाता है मजबूत
इस प्राणायाम का सबसे बड़ा लाभ फेफड़ों को मजबूत करना है. ठंड के मौसम में सांस से जुड़ी समस्याएं जैसे जकड़न, बलगम और सांस फूलना आम हो जाता है. भस्त्रिका प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और श्वसन तंत्र को सक्रिय करता है. इससे ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है और शरीर की हर कोशिका तक पर्याप्त ऊर्जा पहुंचती है.सर्दियों में इम्युनिटी कमजोर पड़ने का खतरा अधिक रहता है. भस्त्रिका प्राणायाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. यह प्राणायाम रक्त संचार को तेज करता है, जिससे शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम बनता है. नियमित अभ्यास करने वालों को सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी मौसमी बीमारियां कम परेशान करती हैं.
वजन भी होता है कंट्रोल
मेटाबॉलिज्म को तेज करने में भी भस्त्रिका प्राणायाम बेहद असरदार है. ठंड के मौसम में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, जिससे वजन बढ़ने और सुस्ती आने की समस्या होती है. भस्त्रिका शरीर की पाचन अग्नि को सक्रिय करता है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है. इससे भोजन सही तरीके से पचता है और शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा नहीं होती.
मानसिक स्वास्थ्य में भी फायदेमंद
मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी यह प्राणायाम लाभकारी है. सर्दियों में अक्सर आलस्य, उदासी और थकान महसूस होती है. भस्त्रिका प्राणायाम दिमाग तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है, जिससे मानसिक स्पष्टता आती है और तनाव कम होता है. यह ऊर्जा स्तर को बढ़ाता है और पूरे दिन शरीर को सक्रिय बनाए रखता है.भस्त्रिका प्राणायाम करने से शरीर की मांसपेशियों और नसों में भी मजबूती आती है. यह प्राणायाम शरीर को भीतर से गर्म रखता है, जिससे जोड़ों में जकड़न और दर्द की समस्या कम होती है. खासकर बुजुर्गों के लिए सर्दियों में इसका अभ्यास बेहद फायदेमंद माना जाता है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें