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Winter Tulsi Care Tips: हिंदू धर्म में घर के आंगन में तुलसी लगाने की परंपरा सदियों पुरानी है. रोजाना घर के लोग तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप मानकर पूजा करते हैं, जल अर्पित करते हैं. लेकिन, जब तुलसी का पौधा सूखने लगता है या पत्ती झुलसने लगते हैं तो इसको अशुभ सझमा जाता है. दरअसल, ठंड में ये दिक्कत ज्यादा आती है. जानें इसका बचाव…
ऐसे में लोगों का हर घर में प्रयास होता है कि उनके आंगन में लगा तुलसी का पौधा सदा ही हरा भरा बना रहे. लेकिन, सर्दियों के मौसम में जब तेज ठंड पड़ती है या फिर बसंत के बाद जब पतझड़ का मौसम शुरू होता है तो तुलसी पर भी असर दिखाई देता है. ऐसे में तुलसी के पौधे को हरा-भरा रखने के लिए कुछ देसी उपाय आजमाए जा सकते हैं.

तुलसी को हरा भरा रखने के लिए लोगों को ज्यादा कुछ करने की भी जरूरत नहीं है. घर के किचन में ही कुछ चीजें उपलब्ध रहती हैं, उन्हीं का उपयोग करके आप आसानी से तुलसी के पौधे की देखभाल करते हुए उसे सुरक्षित रख सकते हैं.

70 वर्षीय बुजुर्ग दादी द्रोपति बाई बताती हैं, जब तुलसी के पौधे के पत्ते सिकुड़ने लगें और इनमें जब रोग लग जाने की संभावना बन जाती है तब सबसे पहले लकड़ी को जलाकर उसकी जो सफेद राख निकलती है, उसी को तुलसी के पौधे के ऊपर छिड़क दें. ऐसा करने से इसमें जो छोटे-छोटे कीट लगते हैं, उन पर कंट्रोल हो जाता है.
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इसी तरह तुलसी के पौधे को सुरक्षित रखने या फिर झूलसा रोग से बचाने के लिए नींबू का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें नींबू के रस को 1 लीटर पानी में मिलाकर उसकी जड़ में डाल दें. इसके साथ ही उसके पत्तों पर इसका स्प्रे कर दें. दो-तीन दिन ऐसा करने से तुलसी में जो भी रोग लगा है, वह सब दूर हो जाता है.

घर में जो दही के बाद छाछ बनाई जाती है, दो-तीन दिन पुरानी छाछ होने के बाद जब इसमें खट्टापन आ जाता है तब इसको तुलसी के पौधों की जड़ों में डाल देते हैं. ऐसा करने की वजह से पत्ती हरी-भरी होने लगती है. महू टाइप के छोटे काले कीड़े लग जाते हैं या पत्ते गिरने लगते हैं तो ऐसा होना भी रुक जाता है. कीड़े भाग जाते हैं.

सर्दी में पत्तों के ज्यादा टूटने पर तुलसी में दोबारा से हरा भरा पान लाने के लिए नींबू का रस और छाछ को एक साथ मिलाकर चार से 6 घंटे के लिए इसे रखा रहने दें. फिर चम्मच से चला कर जब अच्छे से घुल जाए तो इसको तुलसी के पौधे में डाल देते हैं. पत्तों के ऊपर से भी छिड़काव कर देते हैं. ऐसा करने से तुलसी का पौधा ठीक रहता है.

इसके अलावा, अगर आपका पौधा ठीक है और चाहते हैं की मौसम का असर इस पर ना पड़े तो इसके लिए आप गोबर का बचा हुआ खाद लेकर के अच्छी मिट्टी और रेत में मिक्स करके तुलसी के पौधे के आसपास डाल दें. सर्दियों में तीन दिन में 1 दिन पानी देते रहें, लेकिन जिस गमले में यह पौधा लगा हो उसमें पानी निकासी की व्यवस्था हो.

इन सब के बावजूद अगर तुलसी में भयानक बीमारी का प्रकोप हो गया है तब इसके लिए आप फिर रासायनिक दवा का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. फसल में उपयोग होने वाली इल्ली की दवाई का हल्का सा स्प्रे कर दें तो तीन-चार दिन में ही यह ठीक हो जाता है.
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