ताकत का भंडार है… तालाब किनारे मिलने वाली ये औषधि, डायबिटीज, आर्थराइटिस में कारगर, पथरी की दुष्मन!

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Ayurvedic Health Tips: ताल मखाना यानी कोकिलाक्ष एक प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि है.इसके सेवन से पाचन मजबूत होता है, सूजन और मूत्र विकारों में राहत मिलती है. यह डायबिटीज और गठिया में लाभकारी है तथा शरीर को ऊर्जा देता है. डॉक्टर से जानें इस्तेमाल का तरीका…

Ayurvedic Health Tips: आयुर्वेद में कई ऐसी औषधियां होती हैं जो शरीर के लिए अमृत के समान होती हैं. इनका सही उपयोग न केवल बीमारियों से छुटकारा दिलाती है, बल्कि शरीर में ताकत भी भरती है. इन्हीं में से एक है ताल मखाना, जिसे आयुर्वेद में कोकिलाक्ष कहा जाता है. यह एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है, जो न सिर्फ बीमारियों से राहत दिलाती है, बल्कि शरीर में नई ऊर्जा भी भरने का काम करती है. खास बात ये कि इसका असर पाचन से लेकर जोड़ों के दर्द, डायबिटीज और मूत्र रोगों तक देखा जाता है.

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सौरभ परौहा ने लोकल 18 को बताया, ताल मखाना तालाबों और जलाशयों के किनारे उगने वाली एक महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी है. इसके बीज बेहद गुणकारी होते हैं. आयुर्वेद में इन्हें शक्तिवर्धक माना गया है. यह मूत्र संबंधी समस्याओं में लाभकारी है और यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मदद करता है. साथ ही सूजन, गठिया और पथरी जैसी गंभीर समस्याओं में भी इसका उपयोग किया जाता है.

गैस, अपच में कारगर
डॉ. परौहा के अनुसार, ताल मखाना का उपयोग करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है. जिन लोगों को बार-बार गैस, अपच या पेट भारी रहने की शिकायत रहती है, उन्हें इससे काफी राहत मिलती है. इसके अलावा शरीर के किसी भी हिस्से में आई सूजन को कम करने में यह बेहद असरदार है. मूत्र विकारों में ताल मखाना राहत देता है और कई मामलों में पथरी को बाहर निकालने में सहायक साबित होता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी ताल मखाना किसी वरदान से कम नहीं है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करती है. वहीं, गठिया यानी आर्थराइटिस के मरीजों को इसके सेवन से जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत मिलती है. साथ ही यह शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखता है और कमजोरी दूर करती है.

बिना सलाह सेवन खतरनाक
डॉ. सौरभ परौहा बताते हैं कि ताल मखाना का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. इसे घी में भूनकर खाया जा सकता है, दूध में मिलाकर लिया जा सकता है या फिर चूर्ण बनाकर भी इसका उपयोग किया जाता है. लेकिन, हर बीमारी के अनुसार इसका सेवन करने का तरीका और मात्रा अलग-अलग होती है. इसलिए इसका इस्तेमाल हमेशा आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए. डॉक्टर की मानें तो ताल मखाना का सही मात्रा में किया गया सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है. बिना सलाह के सेवन नुकसानदायक हो सकता है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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ताकत का भंडार है… तालाब किनारे मिलने वाली ये औषधि, डायबिटीज, पथरी की दुश्मन!

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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